हरियाणा-पंजाब में कई सालों से खुद को वीवीआईपी बताकर सैकड़ों लोगों को ठगने वाला नटवरलाल एक पुलिस कर्मचारी की होशियारी से पकड़ में आ गया। उक्त ठग लग्जरी गाड़ी में नीली बत्ती लगाकर घूम रहा था। शहर के हिसाब से इसने लोगों को अपनी अलग-अलग पहचान बता रखी थी। पंजाब में यह क्राइम ब्रांच अफसर के रूप में रहता और सिरसा में ह्यूमन राइट प्रोटेक्शन सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष के रूप में। रहन सहन ऐसा की हर कोई इस पर विश्वास कर बैठता। बड़े होटलों व शोरूम में जाकर खरीददारी करता फिर रौब दिखाकर मालिकों को फटकार लगाकर चला जाता। शहर के हुडा सेक्टर 20 में वाहनों की जांच कर रहे पुलिस के नौजवान हवलदार प्रदीप कुमार सामने उसकी होशियारी चल न पाई। हुडा चौकी पुलिस ने हवलदार प्रदीप कुमार की शिकायत पर आरोपी ठग संदीप अरोड़ा के खिलाफ मामला दर्ज करके उसे पुलिस रिमांड में लिया है।
जानकारी के अनुसार हुडा चौकी में तैनात हवलदार प्रदीप कुमार अपनी टीम के साथ वीरवार शाम को हुडा क्षेत्र वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान सामने से नीली बत्ती लगी हुई सफेद रंग की गाड़ी आती दिखी। प्रदीप कुमार ने गाड़ी को रुकने का इशारा किया। गाड़ी रुकी और उसमें सवार चालक ने रौब झाड़ते हुए हवलदार से कहा कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई गाड़ी रुकवाने की, जानते नहीं मैं कौन हूं, संदीप अरोड़ा नाम है मेरा। हवलदार प्रदीप ने गाड़ी के अगले हिस्से में गहराई से देखा तो प्लेट पर लिखा था कि ह्यूमन राइट प्रोटेक्शन सोसायटी। ह्यूमन राइट कमीशन तो हरियाणा में है लेकिन प्रोटेक्शन सोसायटी कोई नहीं। ऐसे में नीली बत्ती लगाने का इसे अधिकार ही नहीं।
प्रदीप कुमार ने उससे कहा कि अपना आईडी कार्ड, गाड़ी के कागजात व बत्ती लगाने की अनुमति दिखाओ। उक्त व्यक्ति कागजात दिखाने की बजाए रौब झड़ता रहा। पुलिस वाले उसे गाड़ी समेत हुडा चौकी में ले आए। पुलिस को शक हुआ कि ये व्यक्ति नीली बत्ती लगाकर मादक पदार्थ की तस्करी करता होगा। पुलिस कर्मचारियों ने गाड़ी तलाशी लेनी शुरू की तो कई सारे आईडी कार्ड व कागजात मिले। पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो पता चला कि ये व्यक्ति बहुत बड़ा ठग है। पुलिस के अनुसार सिरसा में ये संदीप अरोड़ा के नाम से ईरा ग्रुप में किराये पर रहता है।
ह्यूमन राइट प्रोटेक्शन सोसायटी भी फर्जी निकली जिसका ये खुद को प्रदेशाध्यक्ष बताता रहा। पंजाब में खुद को क्राइम ब्रांच आफिसर बताकर लोगों को ठगता रहा। इसके पास से फर्जी अखबार का आईडी कार्ड मिला, जिसका संदीप अरोड़ा संपादक बना हुआ था। पूछताछ मेें यह भी पता चला कि उसने काफी लोगों को पत्रकार का फर्जी आईडी कार्ड बनाकर दे रखे हैं। विभिन्न शहरों में अलग-अलग रूप धारण करके संदीप अरोड़ा सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
अलग अलग शहरों में कीं दो शादियां
असल में आरोपी ठग संदीप अरोड़ा पंजाब की भुच्चो मंडी का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार शुरू से ही आरोपी को अय्याशी करने का शौक था। इसकी चक्कर में वह कर्जदार हो गया। कर्ज उतारने और अपनी अय्याशियां पूरी करने के लिए उसने लोगों को ठगना शुरू कर दिया। अपना नाम प्रताप सिंह बब्बर रखकर वह ह्यूमन राइट प्रोटेक्शन सोसायटी का प्रदेशाध्यक्ष बन गया। गाड़ी पर नीली बत्ती लगा ली। पंजाब में ही अलग-अलग शहरों में दो शादियां कर लीं लेकिन किसी को इसके बारे में पता नहीं चलने दिया। संदीप अरोड़ा प्रताप सिंह बब्बर के नाम से बड़े-बड़े होटलों में ठहरता व शोरूमों में खरीददारी करता। रुपये देने की बारी आती तो सेल टैक्स आफिसर बन जाता और रौब झाड़ने लगता। सिरसा और बठिंडा के कई शोरूम मालिकों वह काफी चूना लगा चुका है। सिरसा के वार्ड नंबर तीन से उसने नगर पार्षद का चुनाव लड़ने का मन बना लिया था। इसके चलते उसने अपने पोस्टर तक छपवा लिए।