हमारे पास एक ऐसा करामाती हुनर है जिससे हम नोट को कुछ ही क्षण में दोगुना कर सकते हैं। ये सुनकर रोहताश ने एक हजार रुपये का नोट थमा दिया। करामातियों ने कुछ ही क्षण में हजार-हजार रुपये के दो नोट बना दिए। ये देखकर रोहताश व अन्य मान गए कि इनके पास वाकई करामात है। बुधवार देर शाम जब इन करामातियों की पोल खुली तो लोगों ने उनकी खूब सेवा कर पुलिस को सौंप दिया। दरअसल हुआ यूं कि पंजाब क्षेत्र से तीन व्यक्ति कुछ दिन पूर्व गांव बनवाला में आए जिन्होंने कुछ लोगों को उनके पास नोट दोगुना करने की करामात होने की बात कही। उक्त ठगों ने अपनी करामात का प्रमाण देते हुए हजार रुपये के एक नोट को दोगुना करते हुए लोगों को विश्वास में लेते हुए कहा कि आप जितना पैसा दोगे उसका हम डबल कर देंगे।
उक्त ठगों ने कहा कि उनके पास नोट दोगुना करने की मशीन व अन्य सामान कम है इसलिए आप 35 हजार रुपये दो जिससे हम मशीन आदि खरीद कर जल्दी ही उनके पास आ जाएंगे फिर नोट ही नोट होंगे। तय समय के अनुसार करामाती ठग बुधवार सांय बनवाला पहुंच गए जहां उन्होंने गांव से दूर एक खेत में रोहताश व अनिल को बुला लिया जहां उन्होंने उनसे 22 हजार रुपये और लेते हुए अभी डबल करने की बात कहते हुए अपनी बैग में हाथ मारने शुरू कर दिए इसी दौरान मौका पाकर जब उक्त ठग खिसकने लगे तो लोगों ने दो को तो धर लिया जबकि एक बाइक लेकर फरार होने में कामयाब हो गया।
लोगों ने काबू किए गए दोनों ठगों की अच्छी खासी खातिरदारी कर पुलिस को सूचना दी। सूचना के आधार पर पहुंची पुलिस ने दोनों ठगों को काबू कर उनसे पूछताछ की तो उन्होंने अपना नाम भूरा सिंह पुत्र रण सिंह व सुखविंद्र सिंह व फरार आरोपी की पहचान वीरा सिंह सिंह निवासी गढ़ियाणा जिला फाजिल्का पंजाब के रूप में करवाई है। पुलिस ने इस संबंध में तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी भूरा सिंह ने बताया कि वे पहले बनवाला में नरमें की चुगाई करने आए थे इसलिए उन्होंने इसी गांव को चुना। उसने बताया कि वीरा सिंह ने उन्हें कमाई का शॉट कट रास्ता अपनाने की बात कहकर अपने साथ पार्टनर बनाया था। उन्होंने बताया कि वे नए ग्राहक को प्रथम तौर पर नोट दोगुना कर उसका विश्वास जीतकर झांसे में लेते थे। ठगों के अनुसार वे सफे द कागज व फोड़े फूं सियों पर लगाने वाला आयोडीन टेंचर व अलग अलग रंग का कैमीकल रखते थे जिसे कागज पर लगाकर नोट को उसके ऊपर चस्पा कर झांसे में लेकर मौका पाकर रफूचक्कर हो जाते। आरोपियों के अनुसार उन्हें तो फरार आरोपी वीरा लेकर आया था जो इस कार्य का मास्टर माइंड है।
तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर दो को काबू किया है जिन्हें पूछताछ उपरांत न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपियों से इस गिरोह के नेटवर्क व उनके द्वारा झांसे लिए गए अन्य लोगों बारे पूछताछ की गई है तथा वीरा सिंह की धर पकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं जिसे शीघ्र ही काबू कर लिया जाएगा।
दले राम महला, थाना प्रभारी ओढां