हुडा सेक्टर से वेदवाला की तरफ जाने वाले मार्ग में सोमवार को नशीली दवाओं का जखीरा पड़ा मिला। ये दवाइयां करीब एक किलो मीटर के दायरे में पड़ी थीं। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। अधिकारियों ने दवाइयों को कब्जे में लेकर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा की है।
जानकारी के अनुसार वेदवाला रोड पर सुबह सैर करने निकले लोगों ने सड़क किनारे काफी दूरी तक दवाइयां पड़ी हुई देखीं। लोगों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। डिप्टी सीएमओ डॉक्टर वीरेश भूषण मौके पर पहुंचे। उन्होंने सड़क के डिवाइडर व किनारे पर पड़ी दवाइयों को देखा तो पाया कि ये नशीली दवाइयां है। वे सड़क किनारे चलते गए और जगह-जगह ये दवाइयां बिखरी पड़ी मिलती गईं।
यह देख वे हैरान हो गए और उन्होंने पुलिस को इस बारे में सूचित किया। हुडा चौकी प्रभारी अशोक कुमार भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मजदूर बुलवाए और दूर तक बिखरी पड़ी दवाइयों को एकत्रित किया। कई जगह पर दवाइयों के जले हुए ढेर भी पड़े मिले। नशीली दवाओं के साथ गर्भपात में इस्तेमाल में की जाने वाली प्रतिबंधित एमपीटी किट भी मिली। नशीली दवाइयों टैबलेट, सीरप आदि शामिल थे।
हुडा चौकी प्रभारी अशोक कुमार का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
रात को फेंकी गई थी दवाइयां
इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने डिप्टी सीएमओ को बताया कि किसी शख्स ने रविवार रात को ही ये दवाइयां वहां फेंकी है। लोगों का कहना है कि वे हर रोज सुबह व शाम इस मार्ग पर सैर करने आते हैं। रविवार शाम तक इस मार्ग पर ये दवाइयां नहीं थीं। रविवार रात को ही कोई व्यक्ति नशीली दवाओं को दूर तक फेंककर चला गया। सड़क पर शराब की बोतलें भी पड़ी मिली हैं।
बैच नंबर से उठेगा पर्दा
सड़क पर नशीली व प्रतिबंधित दवाइयां किसने फेंकी इसका पता जल्द ही स्वास्थ्य विभाग लगा लेगा। डिप्टी सीएमओ डॉ. वीरेश भूषण ने बताया कि दवाओं पर अंकित बैच नंबर की जानकारी संबंधित दवाओं कंपनियों से मांगी जाएगी। इससे यह पता चलेगा कि इस बैच नंबर की डिलीवरी किस दवा विक्रेता को की गई थी। उसके बाद उस चेहरे से पर्दा उठ जाएगा जिसने सड़क पर दवाइयां फेंकी हैं। बरामद हुई दवाइयों में कुछ एक्सपायरी भी हैं।
पकड़े जाने के डर से फेंकी दवाइयां
शुरूआती जांच में पता चला है कि यह काम किसी मेडिकल स्टोर वाले का है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलेभर में नशीली दवाइयां बेचने वालों के खिलाफ छापेमारी की जा रही है। काफी मेडिकल स्टोर संचालकों विभाग ने रंगे हाथों पकड़ा। जो जेल की हवा खा रहे हैं। इसी कारण पकड़े जाने के डर से किसी मेडिकल स्टोर संचालक ने नशीली दवाओं के स्टॉक को ठिकाने लगाने के लिए रात के अंधेरे में सड़क किनारे फेंक दिया।