जेल के अंदर नशे का सामान व मोबाइल पहुंचाने का जिम्मा वार्डन ने संभाला हुआ है। बुधवार को पाठशाला के पास बंदियों को नशे की गोलियां बांटते हुए पकड़ में आए कैदी सुरजीत ने खुलासा किया है कि वार्डन ही उस तक सारा सामान पहुंचते थे। उस तक नशीली गोलियां व मोबाइल पहुंचाने वाले एक वार्डन का नाम भी उसने उगल दिया है। खुलासे के बाद उक्त जेल वार्डन पर तो विभागीय कार्रवाई शुरू हो चुकी है। उक्त जेल वार्डन किस जेल अधिकारी की सह पर ये काम कर रहा था, इसका भी पता चलने वाला है। जेल सूत्रों के अनुसार विभागीय कार्रवाई होने की सूरत में वार्डन ने सारे खुलासे करने के बारे में जेल प्रशासन को चेताया है।
जिस कारण जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। जेल में अधिकारियों सह पर निचले स्तर का कोई कर्मचारी कुछ करने की हिम्मत नहीं कर सकता। ऐसे में अगर जेल वार्डन तेजा सिंह ने अपना मुंह खोला तो जेल में सालों से चल रहे नशीले पदार्थ व मोबाइल पहुंचने वाले पूरे नेटवर्क से पर्दा उठ जाएगा। हुडा चौकी प्रभारी अशोक कुमार का कहना है कि कैदी सुरजीत को जल्द ही प्रोडेक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया जाएगा। जेल प्रशासन ने वार्डन तेजा सिंह पर संदेह जताया है कि उसने कैदी सुरजीत को गोलियां व मोबाइल लाकर दिया। जेल प्रशासन की तरफ से अभी तक वार्डन के खिलाफ शिकायत नहीं दी गई है लेकिन जांच में वार्डन तेजा सिंह को शामिल किया जाएगा। उससे पूछताछ से काफी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
गौरतलब है कि बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे बंदी पाठशाला में पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान कैदी सुरजीत सिंह पाठशाला के पास घुमरहा था। बंदियों से बातचीत करते हुए उसकी गतिविधियां संदिग्ध देख पहरियों ने उसकी तलाशी ली तो उसके पास से एक मोबाइल फोन व 165 नशीली गोलियां मिली। जेल प्रशासन ने हुडा चौकी पुलिस को अपनी ओर से कैदी सुरजीत सिंह के खिलाफ शिकायत दी। कैदी सुरजीत सिंह गांव किंगरे का रहने वाला है और उसके कुछ समय पहले ही मादक पदार्थ अधिनियम में अदालत ने सजा सुनाई थी। वह जेल में हवालातियों व कैदियों को नशीली गोलियां बेचने लगा। अब तक ढाई सालों में जेल के अंदर 11 मोबाइल, अफीम व नशे की गोलियां मिल चुकी है।