पंजाब के जिला बठिंडा के बालियांवाली थाना में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली क्षेत्र के गांव दादू की जसवीर कौर के मामले में उसकी मां मलकीत कौर ने कहा कि उनको तो रविवार सुबह पता चला कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है। पुलिस वाले रात के ढाई बजे तक कागजों पर उनके अंगूठे लगवाते रहे। जब उन्होंने पूछा कि ये किस लिए हैं तो उनका कहना था कि उनकी बेटी ने जो बयान दिए हैं वह सही हैं। इन कागजों पर सिर्फ ये ही लिखा गया है। पुलिस वाले उनका अंगूठा पकड़ कर कागजों पर लगवाते रहे। मैं बार बार बेटी के बारे में पूछती रही लेकिन उन्हें कुछ नहीं बताया गया। उल्लेखनीय है कि इस मामले में पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने बालियांवाली थाना के कर्मियों को गत दिवस क्लीन चिट दे दी थी।
मंगलवार को पत्रकारों के समक्ष नया खुलासा करते हुए मलकीत कौर ने बताया कि उनको शनिवार को गांव कोटड़ा से फोन आया कि उसकी बेटी कोटड़ा में है और जाकर ले आओ। वह अपने बेटे लखवीर को अपने साथ लेकर कोटड़ा चली गई। जब वह कोटड़ा पहुंची तो उसकी बेटी से सरपंच के घर पर पूछताछ की जा रही थी। उसने बेटी को सच बोलने के लिए कहा तो उसने कहा कि अगर वह बोलेगी तो उसका दादा उसको मार देगा। इसके बाद वे उसे वह उसकी बेटी को लेकर थाने चले गए। उसके बेटे को घर पर ही छोड़ दिया और उससे सरपंच ने फोन ले लिया गया।
उन्होंने बताया कि वे करीब ग्यारह बजे बालियांवाली थाना में पहुंच गए। वहां पर उसे साइड पर बैठ जाने को कहा और उसकी बेटी को लेडीज कांस्टेबल अंदर ले गई।
उन्होंने उससे कहा कि माता आप साइड पर बैठ जाओ, आप देखना कि कैसे मानती है? इसके बाद वे उसकी बेटी को अंदर ले गई और उसे मिलने नहीं दिया। कोटड़ा गांव का सरपंच दो बार अंदर गया । उसने बताया कि जसवीर से बयान लिए जा रहे हैं। लेकिन उसे अंदर नहीं जाने दिया गया। उसकी बेटी के साथ अंदर बुरी तरह से मारपीट की। जब वह बाथरूम करने के लिए बाहर आई थी तो उसने अपना पेट पकड़ कर बडा दर्द महसूस किया। बाद में बाथरूम में वह गिरी हुई मिली। उस समय न तो चुन्नरी उसके गले में बंधी हुई थी और न ही गले पर कोई ऐसा निशान ही था और न ही आंखें व जीभ ही बाहर आई हुई थी। लेकिन उसके मुंह से खून निकल रहा था। उसने थाने में ही दम तोड़ दिया था। लेकिन पुलिस उसको जल्दी जल्दी बाहर ले जाने की जिद कर रही थी। पुलिस कर्मी बोल रहे थे कि अभी इसमें सांसे हें। इसको जल्दी लेकर चलो। जबकि बेटी वहीं पर ही खत्म हो चुकी थी।
पीड़ित मां मलकीत कौर ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की गई बल्कि मारी गई है। उसकी बेटी का इंसाफ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक उनको इंसाफ नहीं मिलता वे अपनी बेटी की आत्मिक शांति के पाठ का भोग नहीं डालेंगे। उन्होंने कहा कि जब उनकी बेटी की आत्मा को शांति मिली ही नहीं तो शांति का भोग कैसे डाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि उसकी बेटी घर का सहारा बनी हुई थी पर इन जालिमों ने उसका सहारा ही छीन लिया। वहीं बठिंडा के एसएसपी स्वप्न शर्मा ने बताया कि उस समय लड़की मां व मासी पास थी। उनके सामने ही पूरा घटनाक्रम हुआ है। जसवीर कौर की मां ने खुद अगूंठे लगाए हैं। अब तो वे कुछ भी कह सकते हैं। इस मामले को सोमवार को सिरसा के पत्रकारों ने हरियाणा मानवाधिकार कमिशन के सदस्य जे.एस. एहलावत के समक्ष उठाया था। इस पर उन्होंने कहा कि हरियाणा मानवाधिकार कमिशन इस मामले की जांच करेगा व दोषी पाए जाने पर थाना बालियांवाली के अरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कारवाई अमल में लाई जाएगी।