सिरसा स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने शनिवार को हनुमानगढ़ स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर नोहर में एक अल्ट्रासाउंड केंद्र पर दबिश देकर वहां लिंग जांच करते हुए एक चिकित्सक को रंगे हाथों पकड़ा।
अधिकारियों को सूचना मिली थी सिरसा से काफी लोग नोहर में जाकर भ्रूण जांच करवा रहे हैं। राजस्थान पुलिस ने आरोपी चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया है और स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड केंद्र की मशीन को सील कर दिया है।
सिरसा से गई स्वास्थ्य विभाग की टीम में डिप्टी सीएमओ डॉ. विरेश भूषण, डॉक्टर राजकुमार और स्वयं सेवी संस्था के सदस्य अमरजीत सिंह शामिल था।
राजस्थान की नोहर तहसील में श्योपत अल्ट्रासाउंड केंद्र है। सिरसा स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को सूचना मिली थी कि केंद्र संचालक डॉक्टर श्योपत अग्रवाल भ्रूण लिंग जांच करता।
सूचना के आधार पर डिप्टी सीएमओ डॉक्टर विरेश भूषण ने हनुमानगढ़ स्वास्थ्य विभाग के अधिकरी डॉक्टर योगेंद्र तनेजा के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी की योजना बनाई। एक महिला कांस्टेबल को बोगस ग्राहक बनाकर भेजा। केंद्र संचालक ने 40 हजार में सौदा तय किया।
डिप्टी सीएमओ ने बताया कि केंद्र संचालक ने जांच के बाद महिला को गर्भ में लड़का बताया। इसी दौरान टीम ने मौके पर जाकर दबिश दी।
टीम ने पुलिस के सहयोग से केंद्र संचालक डॉक्टर को मौके पर दबोच लिया। उधर, सिरसा स्वास्थ्य विभाग ने लिंग जांच में सजायाफ्ता बंसल दंपति का लाइसेंस पांच सालों तक रद्द कर दिया है। सीएमओ सूरजभान कंबोज ने बताया कि बंसल दंपति को तीन महीने पर अदालत ने लिंग जांच करने का दोषी करार देकर सजा सुनाई थी।