सिरसा से सरदूलगढ़ की ओर शाम साढे़ सात बजे के रूट पर बस सेवा बड़ी मशक्कत के बाद छह माह पूर्व शुरू हुई थी। परिचालक पैसे लेकर टिकटें नहीं देता था, जो बीती देर शाम पकड़ा गया। पीआरटीसी के अधिकारियों ने उसे सस्पेंड कर दिया है। काफी सवारियों के पास टिकटें नहीं मिलीं, जबकि उन्होंने पैसे दे रखे थे।
पिछले काफी दिनों से सवारियों से परिचालक हरजीत सिंह पैसे तो ले लेता था पर टिकट नहीं देता था। हर रोज आने-जाने वाली सवारियों को भय था कि यदि बस का रूट घाटे में रहा तो विभाग इस बस की सेवाएं रद्द कर देगा। इसको लेकर लोगों ने पीआरटीसी के अधिकारियों को शिकायत की।
बुधवार देर शाम गांव फरवाईं के पास पीआरटीसी के इंस्पेक्टर परविंद्र सिंह, सब इंस्पेक्टर जीत सिंह ने जब बस से उतरी सवारियों से टिकटें मांगी तो छह सवारियों के पास टिकटें नहीं थीं। उन्होंने बताया कि पैसे परिचालक को दिए थे पर उनको टिकटें नहीं मिलीं।
इसके बाद जब बस में बैठी सवारियों की टिकटें चेक की गई तो पांच सवारियां गांव झंडा की बिना टिकट पाई गई। छह अन्य सवारियों के पास भी टिकटें नहीं थीं। सभी ने बताया कि वे रोज किराया देते हैं पर परिचालक टिकट देता नहीं। इस मामले में पंजाब रोडवेज विभाग के अधिकारियों ने परिचालक हरजीत सिंह को सस्पेंड कर दिया। लोगों ने बताया कि काफी समय से ये परिचालक ऐसा करता आ रहा था, इसलिए उन्हें डर था कि यह बस सेवा बंद न हो जाए।
बता दें कि सिरसा से सरदूलगढ़ रूट पर शाम के साढे़ छह बजे के बाद कोई बस सेवा नहीं थी पर शहर में काम करने वाले लोग इसके बाद ही अड्डे पर पहुंच पाते थे। लोगों ने पीआरटीसी के बरनाला कार्यालय में महाप्रबंधक को बस सेवा शुरू करने की मांग की तो बस सेवा शुरू हो गई। उसके बाद परिचालक की हरकतों को देखकर लोगों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की।