चौटाला परिवार के करीबी इनेलो नेता प्रदीप गोदारा के किन्नू प्लांट पर डबल मर्डर कांड मामले में चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। अंधाधुंध गोलियां बरसाकर दो लोगों की हत्या कर फरार हुए बदमाशों का पता लगाना तो दूर उनके संबंध में कुछ भी जानकारी पुलिस जुटा नहीं सकी है। जिला पुलिस की ओर से गठित टीमें अंधेरे में तीर चला रही हैं, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।
पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला परिवार के करीबी इनेलो नेता प्रदीप गोदारा को सुरक्षा मुहैया करवाने के बाद पुलिस ने किन्नू प्लांट में लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। वारदात से दो दिन पहले सीसीटीवी खराब हो गए थे। ऐसे में वारदात से जुड़ा कोई भी सबूत हाथ नहीं लग सका। जांच में जुटे पुलिस सूत्रों का कहना है कि गोलीकांड को सुलझाने में सबसे बड़ी दिक्कत ये आ रही है कि वारदात और बदमाशों से संबंधित एक भी अहम सबूत पुलिस को नहीं मिला है।
फायरिंग में बाल-बाल बचा प्रत्यक्षदर्शी गोली चलते ही टेबल के पीछे छिप गया था, उसने बदमाशों की शक्ल तक नहीं देखी। ऐसे में बदमाशों का हुलिया कैसा था, ये भी नहीं पता। हुलिये के आधार पर स्केच तैयार हो जाता, इससे पुलिस को कुछ फायदा जरूर मिलता।
इसके अलावा घटनास्थल से लेकर नेशनल हाईवे तक हर जगह सीसीटीवी कैमरे जांचे, उनमें भी बदमाशों से संबंधित कोई सबूत नहीं मिला। ऐसे में पुलिस पंजाब, राजस्थान, यूपी व बिहार में सक्रिय बड़े गैंग से जुड़े कुछ शूटरों गिरफ्त में लेना चाहती है। इसलिए पुलिस की टीमें पंजाब, राजस्थान, यूपी और बिहार में स्थानीय पुलिस के सहयोग छापेमारी कर रही हैं। इन शूटरों के गिरफ्त में आने पर पुलिस को ये पुख्ता जानकारी मिलेगी कि किन बदमाशों ने चौटाला में गोलीकांड को अंजाम दिया और ये बदमाश किस गैंग से जुड़े हैं।
बबुआ गैंग पर जताया था संदेह
इनेलो नेता प्रदीप गोदारा ने बबुआ गैंग पर संदेह जताया था और पुलिस गैंग से जुड़े बदमाशों की जानकारी पंजाब पुलिस से जुटा रही है। किसी बड़े गैंग से जुड़े बदमाश को यह पता चल जाता है कि कौन सा बदमाश वारदात में शामिल हो सकता है। जांच में जुटे सीनियर पुलिस ऑफिसर का कहना है कि ये कांड सुलझेगा जरूर। पुलिस को थोड़ी देर तो जरूर लग रही है, लेकिन आगामी तीन दिनों में पुलिस के पास वारदात से जुडे़ ठोस सबूत होंगे।
विक्की बिश्नोई से लग सकता अहम सुराग
इंस्पेक्टर विनोद कुमार के नेतृत्व में शनिवार को पुलिस एक टीम हनुमानगढ़ पहुंची और वहां की जेल में बंद डबल मर्डर के आरोपी गांव चौटाला निवासी विक्की उर्फ रविंद्र बिश्नोई को प्रोडक्शन वारंट पर सिरसा लेकर आई है। विक्की ने जुलाई 2014 में संगरियां कॉलेज में चुनाव को लेकर हुए विवाद में दो लोगों को मौत के घाट उतारा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गांव चौटाला निवासी विक्की से पुलिस को वारदात के संबंध में अहम जानकारी और सुराग हाथ लग सकते हैं। विक्की कई बड़े गैंगों का राजदार भी है। डबवाली पुलिस उपाधीक्षक सतपाल यादव का कहना है कि पुलिस की जांच प्रगति पर है, जल्द रिजल्ट मिलेगा। पुलिस प्रवक्ता सुरजीत सिंह सहारण ने बताया कि विक्की को शनिवार को डबवाली की अदालत में पेश किया गया, जिसे पूछताछ के लिए पांच दिन के रिमांड पर ले लिया गया है।
जिन पर संदेह जताया, पूछताछ करेगी पुलिस
इनेलो नेता प्रदीप गोदारा ने वारदात के संबंध में तीन लोगों संदेह जताया है। जिन लोगों पर वारदात को करवाने में शक जताया गया है, उनमें डबवाली से कांग्रेसी नेता रहे चंद सिंह बराड़ का भाई जग्गा बराड़ और उसका एक रिश्तेदार है। तीसरा शक पूर्व मंत्री गोपाल कांडा पर जताया गया है। कांग्रेसी नेता चंद सिंह बराड़ की 2005 में हत्या हो गई थी और जग्गा बराड़ भाई की हत्या मामले से बरी हुए प्रदीप गोदारा से रंजिश पाले हुए है। फिलहाल पिछले कुछ महीने से जग्गा बराड़ फरार है। जांच टीम में शामिल इंस्पेक्टर सुखदेव का कहना है कि जिन पर संदेह जताया गया है, उनसे पूछताछ की जा सकती है।
गांव चौटाला में लोगों से पूछताछ
हर एंगल से वारदात को देखा जा रहा है, राजस्थान सीमा से भी आगे सीसीटीवी कैमरों की वीडियो फुटेज खंगाली गई है। गंभीरता के साथ जांच की जा रही है। गोलीकांड को अंजाम देकर फरार हुए बदमाशों का जल्द ही पता चल जाएगा। मैंने खुद आज गांव चौटाला में जाकर कुछ लोगों से पूछताछ की। हमारी कोशिश है कि जल्द वारदात को सुलझाया जाए।
राजेंद्र गोदारा, इंचार्ज सीआईए सिरसा।
ये है पूरा मामला
बुधवार रात आठ बजकर 45 मिनट पर गांव चौटाला स्थित इनेलो नेता प्रदीप गोदारा के किन्नू प्लांट ऑफिस में चार बदमाशों ने हमला कर अंधाधुंध फायरिंग कर गांव निवासी सतबीर और अमित सहारण को मौत के घाट उतार दिया था। अज्ञात बदमाश कार में सवार होकर आए थे और पांच मिनट में वारदात को अंजाम देकर चले गए। हमला इनेलो नेता प्रदीप गोदारा को टारगेट लेकर किया गया था। चंद मिनट पहले ऑफिस से प्रदीप गोदारा और नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला के छोटे पुत्र अर्जुन चौटाला निकल गए थे, इसलिए वे बच गए।