चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा से राम भरोसे है। सोमवार देर रात एक नकाबपोश युवक ने गर्ल्स हॉस्टल में घुस रहा था। गनीमत रही की नाइट ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षा गार्डों ने उसको दबोच लिया। दोनों ने उसकी जमकर धुनाई की। घटना के दौरान भारी शोर शराबे से हॉस्टल में सो रही छात्राएं सहम गई। सिक्योरिटी ऑफिसर हिम्मत सिंह मौके पर पहुंचे। जैसे ही नकाबपोश ने नकाब उतारा उसका चेहरा देखकर हर कोई हैरान रह गया, वह सिक्योरिटी से जुड़ा ही एक शख्स था।
सिक्योरिटी ऑफिसर मेडिकल करवाने के नाम पर उसे बाहर ले जाया गया लेकिन विवि प्रशासन ने उसके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। मंगलवार सुबह विवि प्रशासन का रवैया देखकर विवि के सुरक्षा गार्डों में रोष फैल गया। सुरक्षा गार्डों ने कुलपति मुलाकात करके रात को पकड़े शख्स पर कार्रवाई करने की मांग की। गार्डों का आरोप है कि कुलपति राधेश्याम शर्मा ने कोई संतोष जनक जवाब नहीं दिया। विवि के रजिस्ट्रार ने बताया कि उक्त आरोपी ने कहा है कि वह सुरक्षा जांच करने गया था, उसे हिदायत दी गई है कि आगे से वह विवि का सूचना देकर जांच करे।
जानकारी के अनुसार चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के मुख्यद्वार पर सोमवार रात को सुरक्षा गार्ड रमेश कुमार व दवेंद्र की ड्यूटी थी। देर रात एक बजकर 28 मिनट पर एक बाइक सवार एकदम से सीधा कैंपस में घुस गया। दोनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। गार्ड रमेश कुमार ने बताया कि उन्होंने देखा की बाइक सवार गर्ल्स हॉस्टल की तरफ जा रहा है। वे भी उसके पीछे हो लिए।
अंधेरे में छुपकर देखा तो वह बाइक से नीचे उतरकर गर्ल्स हॉस्टल में घुसने की कोशिश करने लगा। इसके बाद उन दोनों ने उसे दबोच लिया। उक्त व्यक्ति ने चेहरे पर नकाब पहन रखा था, गार्ड दवेंद्र ने उसको थप्पड़ जड़े और सिक्योरिटी ऑफिसर हिम्मत सिंह को घटना की सूचना दी। घटना के बाद विवि कैंपस में हंगामा हो गया। चेहरे से नकाब उतरने पर नकाबपोश कोई और नहीं विवि की सिक्योरिटी से जुड़ा पावरफुल शख्स निकला।
वह पूरी तरह नशे में धुत था। इसके बाद सिक्योरिटी ऑफिसर हिम्मत सिंह उसे मेडिकल के बहानेे से विवि से बाहर ले गया लेकिन उसका मेडिकल नहीं करवाया। सुबह सुरक्षा गार्डों को जब यह पता चला कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसके खिलाफ कोई शिकायत पुलिस को नहीं दी और अपने तौर पर भी कोई कार्रवाई नहीं की तो उनमें रोष फैल गया।
सुरक्षा गार्डों ने कुलपति राधेश्याम शर्मा से मुलाकात की। कुलपति ने जवाब दिया कि कार्रवाई करना रजिस्ट्रार का काम होता है, यह उनका काम नहीं। रजिस्ट्रार प्रो.असीम मिगलानी ने भी घटना के संबंध में पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी। सुरक्षा गार्डों का कहना है कि पूरा प्रशासन उसे किसी भी तरह बचाने में लगा है।
हमने हिदायत दे दी, सुरक्षा जांचने आया था
हमें पता चला है कि देर रात सिक्योरिटी सुपरवाइजर नकाब पहनकर विश्वविद्यालय घुस आया था। सुपरवाइजर का कहना है कि वह विश्वविद्यालय की सुरक्षा जांच करने आया था। हमने उसे हिदायत दे दी है कि आगे से विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचित करके सुरक्षा जांच की जाए।
प्रो. असीम मिगलानी, रजिस्ट्रार सीडीएलयू सिरसा।