महज 24 वर्षीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान तथा चंडीगढ़ में 18 अपराधिक मामले चल रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि सभी मामले पिछले आठ सालों में दर्ज हुए है। पुलिस के अनुसार अगर उन मामलों को साथ में जोड़ दिया जाए, जिनमें वह बरी हो चुका है, तो संख्या 29 बैठती है।
पुलिस के अनुसार लॉरेंस बिश्नोई ने अबोहर के कॉनवेंट स्कूल से दसवीं पास की थी। चंडीगढ़ के डीएवी स्कूल में बारहवीं करने के बाद उसने चंडीगढ़ में ही पंजाब यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। वर्ष 2008 में उसने सोपू की ओर से यूनिवर्सिटी प्रेजिडेंट का चुनाव लड़ा। उसका मुकाबला उदय सिंह वडिंग से था। चुनाव में लॉरेंस बिश्नोई को हार देखनी पड़ी। चुनाव में मिली शिकस्त के बाद दोनों गुटों में तनाव बढ़ गया।
एक दिन चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। दोनों ओर से गोलीबारी हुई। उस दौरान लॉरेंस पर पहला केस दर्ज हुआ। यह लॉरेंस की जिंदगी का टर्निंग प्वाईंट था। उसने यहीं से अपराध की दुनियां में कदम रखा। उसके नाम के साथ एक के बाद एक अपराधिक मामला जुड़ता गया।
इस समय पंजाब, हरियाणा, राजस्थान तथा चंडीगढ़ में 18 मामले चल रहे हैं। पंजाब के फाजिल्कां में तीन, अबोहर में दो, जालंधर में एक, मोहाली में तीन केस दर्ज हैं। जबकि चंडीगढ़ में चार, हरियाणा के पंचकूला में एक, डबवाली में एक तथा राजस्थान के सीकर में तीन केस दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार कई मामलों में लॉरेंस बरी हो चुका है। अगर उन मामलों को लॉरेंस से अपराधिक रिकॉर्ड के साथ जोड़ा जाए तो संख्या लगभग उन्नतिस बैठती है। ऐसे में लॉरेंस की जितनी उम्र है, उससे कहीं उस पर केस दर्ज हैं।
लॉरेंस बिश्नोई हिस्ट्रीशीटर है। उस पर करीब 29 अपराधिक मामले दर्ज हैं। कुछ में वह बरी हो चुका है। वह पंजाब की कई जेलों में जा चुका है। डबवाली अदालत परिसर में गोली चलाने वाले गोबिंदा से उसकी मुलाकात पंजाब की एक जेल में हुई थी।
-सत्यपाल यादव, डीएसपी, डबवाली