फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्लैकमेलिंग करने वाला गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा, दो भाई काबू

Fri, 20 Nov 2015 01:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
विज्ञापन
विज्ञापन
हेलो....आई लव यू। मैं, आपको कई बार कॉल करती हूं। आप मुझसे मिलने क्यों नहीं आते। प्लीज, आप आ जाओ। मोबाइल पर कुछ ऐसी बातें करके ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।
विज्ञापन


पुलिस ने नाटकीय ढंग से गिरोह में शामिल दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। तलवंडी साबो निवासी सोहन सिंह और संतराम के पास पिछले कुछ समय से महिलाओं की कॉल आ रही थीं।

महिलाओं ने दोनों को अपनी बातों में उलझा लिया। संतराम की बेटियों की शादी करवाने का दम भरते हुए विश्वास की डोर इतनी पक्की कर ली कि दोनों को सोचने का मौका ही नहीं मिला।
विज्ञापन


महिलाओं ने 15 नवंबर 2015 को दोनों को प्रेम नगर स्थित एक घर में बुलाया। दोनों के भीतर आते ही कमरा बंद कर लिया। शोर मचाने लगी। योजना के अनुसार तैयार खड़े गिरोह के पुरुष मौके पर आ गए।

उन्होंने दोनों के साथ मारपीट की। उनके वाहनों के कागजात छीन लिए। उन्हें वहां से खदेड़ दिया। कागजात वापस लेने की एवज में उनसे ढाई लाख रुपये मांगने लगे। फोन पर अपनी पहचान गुरजंट और बूटा सिंह के रूप में करवाई।

दोनों धमकी देने लगे कि उनके पास वीडियो है। अगर पैसे न दिए तो वे इसे व्हाट्स एप पर वायरल कर देंगे। लगातार पैसे मांगने से तंग आए सोहन सिंह ने इसकी शिकायत शहर थाना पुलिस में दर्ज करवाई।

शिकायत मिलते ही शहर पुलिस एक्टिव हो गई। एसआई कैलाश चंद्र ने जाल बिछाया। जैसे ही गिरोह की कॉल सोहन सिंह के पास आई तो योजना के अनुरूप उसने पैसे देने के लिए दोनों को सिरसा रोड पर पावर हाउस के नजदीक बुला लिया।

पुलिस सादी वर्दी में तैनात हो गई। शिकायतकर्ता आरोपियों के समक्ष गिड़गिड़ाने लगा। दोनों को विश्वास में भरते हुए उन्हें चाय पिलाने लगा। चुपके से पुलिस को इशारा कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा।

खुद को गुरजंट सिंह और बूटा सिंह बताने वाले आरोपियों ने पुलिस के समक्ष अपनी असली पहचान उगल दी। पकड़े गए आरोपियों ने अपनी पहचान इकबाल सिंह और शीरा सिंह निवासी डबवाली के रूप में करवाई।

दोनों सगे भाई हैं। पुलिस ने महिला आरोपियों की तलाश में छापामारी शुरू कर दी है।

गिरोह में कई लोग शामिल हो सकते हैं। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई राज खुल सकते हैं। अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए आरोपियों को अदालत में पेश करके रिमांड हासिल किया जाएगा।
विज्ञापन

-कैलाश चंद्र, जांच अधिकारी, शहर थाना, डबवाली
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें