राजनीतिक और विभागीय दबाव के बाद सिरसा पुलिस ने गांव चौटाला डबल हत्याकांड को 80 प्रतिशत सुलझा लिया है। पंजाब, यूपी, बिहार और राजस्थान में सिरसा पुलिस की टीमों ने पिछले 11 दिनोें तक छापेमारी करने के बाद ये सफलता हासिल करने का दावा किया है। पांच शूटरों को पुलिस ने अन्य राज्यों की पुलिस के सहयोग से गिरफ्त में लिया है। इस कामयाबी को हासिल करने के लिए शूटरों पर संयुक्त राज्यों की पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। तब जाकर ये शूटर पुलिस के काबू में आए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्त में आए इन शूटरों ने यूपी के एक नगर पार्षद के अलावा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में लूटपाट की सैकड़ों वारदात को अंजाम दिया है। इसमें अनगिनत एटीएम उखाड़ने की वारदात भी शामिल हैं।
जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों के अनुसार वारदात में नौ एमएम के हथियार इस्तेमाल किए गए, जिनकी डिलीवरी बिहार के मुंगेर से हुई थी। यूपी की शामली पुलिस ने चार बदमाशों को पकड़ा था। इन बदमाशों ने ही पंजाब के रोपड़ में छह लाख रुपये में चार 9 एमएम पिस्टल और कारतूस कुछ गैंगस्टरों को हैंडओवर किए थे। चौटाला डबल मर्डर केस में अभी तक की जांच में यह भी पता चला है कि जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया, उन्हें 15 लाख रुपये, हथियार के पैसे और कोलकाता के शिलीगुड़ी शहर के एक फार्म हाउस में ठहराया जाना था।
कामयाबी के करीब हैं
चौटाला डबल मर्डर कांड 80 प्रतिशत सुलझ चुका है। काफी एंगल पर जांच की, लेकिन आखिरकार अहम सबूत और वारदात को अंजाम देने वालों के करीब पहुंच चुके हैं। काफी मशक्कत और अन्य राज्यों की पुलिस के सहयोग से ये कामयाबी मिली है। चार दिन बाद हत्याकांड के असल कातिल जनता के सामने होंगे।
राजेंद्र गोदारा, सीआईए इंचार्ज सिरसा