फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

12 दिन बाद न्यूजीलैंड से पहुंचा हरदीप का शव, अंतिम संस्कार में उमड़े लोग

Sat, 07 Jan 2017 11:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
विज्ञापन
न्यूजीलैंड - फोटो : bureau
विज्ञापन
आखिरकार 12 दिन बाद शनिवार को सुबह साढ़े 11 बजे 24 वर्षीय युवक हरदीप का शव न्यूजीलैंड से रानियां पहुंचा। हरदीप के अंतिम संस्कार में भाजपा अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. गणेशी लाल, नायब तहसीलदार सोमनाथ सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल हुए।
विज्ञापन


बेटे का शव देखने के लिए मां की आंखें पथरा चुकी थीं। 26 दिसंबर की सुबह परिवार को जैसे ही बेटे हरदीप की हत्या का समाचार मिला तो सभी का रो-रो कर बुरा हाल था। न्यूजीलैंड में क्रिसमस और नए साल की छुट्टियां होने के कारण कागजी कार्यवाही पूरी करने में कई दिन लग गए। लंबे समय से बेटे को मिलने का इंतजार कर रही हरदीप को मां को आज अपने लाल का शव मिला तो फूट-फूट कर रोने लगी।

स्थिति की नाजुकता को देखते हुए घर पर बॉक्स को नहीं खोला गया। मात्र 10 मिनट ही घर में रुके और सीधा शव को श्मशानघाट ले गए। जहां अंतिम संस्कार से पहले सभी ने हरदीप के अंतिम दर्शन किए। सभी ने अरदास के साथ हरदीप को अंतिम विदाई दी।
विज्ञापन


हरदीप का शव शनिवार को सुबह लगभग तीन बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा, जहां पीड़ित परिजन पहले से इंतजार कर रहे थे। हरदीप के चाचा गुरदेव सिंह, भाई जसप्रीत सिंह, मामा सुखदेव सिंह सहित अनेक रिश्तेदार शुक्रवार को ही रानियां से दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। जिला प्रशासन ने दिल्ली से रानियां शव को लाने के लिए एंबुलेंस की अलग से व्यवस्था कर रखी थी।

विदेशमंत्री के आदेश पर भारतीय दूतावास ने की शव भेजने की व्यवस्था     
मृतक के परिजनों की फरियाद पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने व्यक्तिगत रुचि लेकर हरदीप के शव को न्यूजीलैंड से रानियां लाने की व्यवस्था की। विदेश मंत्री के आदेश पर न्यूजीलैंड में भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने तमाम कागजी कार्यवाही पूरी की और वहां से शव को रानियां लाने तक का पूरा खर्च भारत सरकार ने उठाया है।

पिछले 12 दिनों से भारतीय उच्चायुक्त के अधिकारी संदीप सूद ई-मेल भेज जिला प्रशासन को लगातार हालात की जानकारी दे रहे थे। न्यूजीलैंड में नए साल की छुट्टियां होने के कारण कागजी कार्यवाही में समय लगा और दूसरा सामान वाहक जहाज न्यूजीलैंड से भारत सप्ताह में एक बार शुक्रवार को ही आता है। पिछले शुक्रवार तक कागजी कार्यवाही पूरी हो सकी थी।

नशेड़ी लड़की ने की थी हत्या
न्यूजीलैंड के शहर ऑकलैंड में 25 दिसंबर की रात को पार्क में नशे में धुत एक लड़की ने रानियां के 24 वर्षीय हरदीप की चाकू से गोद कर हत्या कर दी थी। हत्या के कारण का खुलासा नहीं हुआ है। बुरी तरह घायल हरदीप को तत्काल लोगों ने अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के तमाम प्रयास के बावजूद हरदीप को बचाया नहीं जा सका। दो घंटे बाद ही उसे मृत घोषित कर दिया गया। हत्या आरोपी लड़की को पुलिस ने मौके पर गिरफ्तार कर लिया था और बाद में युवती ने अपना अपराध भी कबूल कर लिया था।

पढ़ाई के लिए विदेश गया था हरदीप
पंजाब में बीटेक करने के बाद हरदीप सिंह स्टडी वीजा पर होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करने के लिए सात मार्च 2015 को न्यूजीलैंड गया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद अब हरदीप को वर्क परमिट भी मिल चुका था। हरदीप के परिवार की आर्थिक ज्यादा मजबूत नहीं है। बेटा विदेश में पढ़कर और वहां से डॉलर कमाकर लाएगा, इसी उम्मीद में परिवार के सभी सदस्यों ने किसी तरह पैसों का जुगाड़ कर हरदीप को विदेश भेजा था। परिवार ने इसके लिए कर्ज भी लिया था। हरदीप की मौत के साथ उम्मीदें भी खत्म होने के कारण पूरा परिवार अंदर से टूट गया।

कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रयास
हत्यारोपी लड़की को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। न्यूजीलैंड की सिख फाउंडेशन संस्था ने पहल की है। सरकार वकील के साथ फाउंडेशन के वकील भी न्यायालय में मुकदमा लड़ेगा। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के आदेश पर भारतीय दूतावास भी इस मुकदमे पर पूरी नजर रखेगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव सहायता मुहैया करवाएगा। मृतक हरदीप का मौसेरा भाई सतवंत संधू भी न्यूजीलैंड गया हुआ था। सलवंत संधू ही अब हरदीप के शव को वहां से भारत लाया है।

शव के अंतिम दर्शन करने के लिए पारिवारिक सदस्यों, रिश्तेदारों, सगे संबंधियों के साथ बड़ी संख्या में शहरवासी भी एकत्रित थे। शासन की ओर से भाजपा की अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. गणेशी लाल के नेतृत्व में पूर्व जिलाध्यक्ष अमीरचंद मेहता, पूर्व जिला महामंत्री बलवान जांगड़ा, नगरपालिका के उपाध्यक्ष पूर्ण चंद सैन, भीम गर्ग एवं प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार सोमनाथ के साथ कई अधिकारी और कर्मचारियों ने भी अंतिम संस्कार में भाग लिया और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें