नागोकी के निहाल सिंह हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने पांच हत्यारोपियों को दोषी करार दिया है। हत्यारों में एक महिला भी शामिल है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर की अदालत ने हत्यारों की सजा का फैसला शुक्रवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट शुक्रवार दोपहर को सजा सजा का ऐलान करेगी।
27 अगस्त 2014 को गांव नागोकी में मामूली झगड़े को लेकर भतीजे ने अपनी मां और परिवार के तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर लाठियों से पीट-पीटकर चाचा निहाल सिंह की हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही बड़ागुढ़ा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही हत्यारोपी मौके से फरार हो गए।
अभियोजन के अनुसार गांव नागोकी के पास ढाणी में रहने वाला 40 वर्षीय निहाल सिंह अपने घर में सो रहा था। परिवार के अन्य सदस्य खेत में काम कर रहे थे। मृतक के बेटे बजरंग ने पुलिस को बताया कि उसके पिता का किसी बात को लेकर अपने भतीजे अनिल से झगड़ा चल रहा था। 26 अगस्त को भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था।
27 की दोपहर उसका पिता घर में अकेला था। उसका चचेरा भाई अनिल, उसकी मां शकुंतला देवी, विक्रम सिंह, प्रमोद कुमार व रमन दीप उसके पिता से मारपीट करने लगे। मारपीट करने के बाद उसके पिता को उठाकर अपनी ढाणी में ले गए। वहां उक्त पांचों ने मिलकर डंडों से पीट-पीटकर उसके पिता निहाल सिंह की हत्या कर दी। पुलिस ने पांचों हत्यारोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके उन्हें अदालत में पेश किया। वीरवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर ने सभी हत्यारोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए सजा का फैसला शुक्रवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया।