गांव नागोकी के निहाल सिंह हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने पांचों हत्यारों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों को दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वीरवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर ने हत्यारोपियों को दोषी करार देेकर सजा का फैसला सुरक्षित रख लिया था।
अभियोजन के अनुसार गांव नागोकी के पास ढाणी में रहने वाला 40 वर्षीय निहाल सिंह अपने घर में सो रहा था। परिवार के अन्य सदस्य खेत में काम कर रहे थे। मृतक के बेटे बजरंग ने पुलिस को बताया कि उसके पिता का किसी बात को लेकर अपने भतीजे अनिल से झगड़ा चल रहा था। 26 अगस्त को भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था।
27 की दोपहर उसका पिता घर में अकेला था। उसका चचेरा भाई अनिल, उसकी मां शकुंतला देवी, विक्रम सिंह, प्रमोद कुमार व रमन दीप उसके पिता से मारपीट करने लगे। मारपीट करने के बाद उसके पिता को उठाकर अपनी ढाणी में ले गए। वहां उक्त पांचों ने मिलकर डंडों से पीट पीटकर उसके पिता निहाल सिंह की हत्या कर दी। शुक्रवार शाम को सजा का ऐलान करते हुए न्यायाधीश बिमलेश तंवर ने अनिल कुमार, उसकी मां शकुंतला देवी, विक्रम संह, प्रमोद कुमार व रमनदीप को उम्र कैद की सजा सुना दी।
चेन झपटमारों को पांच-पांच साल कैद
सिरसा। चेन झटपने के मामले में अतिरिक्त जिला एंव सत्र न्यायालय ने आरोपी दो युवकों को पांच-पांच साल कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर पांच महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। मामले के अनुसार 24 फरवरी 2014 को सिरसा में दो बाइक सवारों ने महिला के गले से चेन झपटने की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने गुत्थी सुलझाते हुए रेलवे कॉलोनी निवासी कमल व बुड़ाभाणा निवासी अंग्रेज सिंह को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। शुक्रवार को मामले का निपटारा करते हुए एडीजे आरपी सिंह ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।