ऐलनाबाद के बहुचर्चित रवि हत्याकांड में ढाई साल बाद किशोर न्यायालय ने वीरवार को अपना फैसला सुना दिया। हत्यारोपी दो नाबालिगों को दोषी करार देते हुए न्यायालय ने उन्हेें एक साल के प्रोबेशन पर भेज दिया है। एक साल तक हत्या के दोषी दोनों नाबालिगों के चाल-चलन में सुधार हो गया तो उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। अगर सुधार नहीं हुआ तो उन्हें अदालत सजा सुनाएगी।
दोषी नाबालिग 18-18 महीने बाल सुधार गृह में रह चुके हैं। हत्या के दोषी अब प्रोबेशन ऑफिसर की निगरानी में किसी संस्थान या समाज सेवी संस्था में रहेंगे।
ऐलनाबाद के वार्ड नंबर 17 निवासी रवि कुमार का एक युवती से प्रेम प्रसंग था। युवती के भाई को इसका पता चल गया और उसने अपने साथी के साथ उसे मिलकर रवि को मारने की साजिश रची। 11 अक्तूबर 2015 की शाम युवती के नाबालिग भाई ने अपने नाबालिग दोस्त के साथ मिलकर रवि के साथ शराब पी।
दोनों ने रवि को ज्यादा शराब पिला दी। रवि जब नशे में टल्ली हो गया तो दोनों ने पत्थर से उसके सिर पर सैकड़ों वार करके उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दोनों नाबालिगों ने रवि के शव को ढाणी शेरा के पास झाड़ियों में फेंक दिया। रवि रात को घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। अगले दिन सुबह झाड़ियों में एक युवक का खून से सना शव दिखाई दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए हत्यारोपी दोनों नाबालिगों को हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया। ढाई साल तक जिला किशोर न्यायालय में हत्याकांड का यह केस चला।
वीरवार को न्यायाधीश नवजीत ने मामले का निपटारा करते हत्यारोपी नाबालिगों को हत्या का दोषी करार देते हुए एक साल की प्रोबेशन में भेज दिया। प्रोबेशन ऑफिसर मोनिका चौधरी का कहना है कि प्रोबेशन अवधि में दोनों नाबालिगों पर उनकी पूरी निगरानी रहेगी। एक साल में उनके जीवन में कितना सुधार आया है, उसी आधार पर रिपोर्ट तैयार करके अदालत को भेजी जाएगी।