नगर योजनाकार विभाग ने बिना अनुमति के अवैध कॉलोनी काटने और निर्माण करने के मामले में कड़ा रुख अपना लिया है। पुलिस ने नगर योजनाकार की शिकायत पर 50 लोगों के खिलाफ 26 मुकदमे दर्ज किए हैं। उनका कहना है कि इस तरह ही कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जानकारी के अनुसार शहर थाना पुलिस ने जिला नगर योजनाकार की शिकायत पर चतरगढ़पट्टी निवासी निर्मला देवी के खिलाफ हुडा एक्ट 1975 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। निर्मला देवी पर अवैध कॉलोनी काटने का आरोप है। इसी प्रकार झोपड़ा रोड चतरगढ़ पट्टी निवासी बनवारी लाल, मोहन लाल, अमीचंद, मिथलेश रानी, रानी देवी, सुभाष, कमला देवी, मोहन लाल व राज बहादुर के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। द्वारकापुरी निवासी इंद्रजीत ने भी बिना डीटीपी की अनुमति के बगैर द्वारकापुरी में अवैध निर्माण कर डाला। नगर योजनाकार की शिकायत पर इंद्रजीत के खिलाफ पुलिस ने अभियोग दर्ज किया है।
इसी क्रम में पुलिस ने खैरपुर नविासी जगदेवी, परमजीत, देवेंद्र निवासी चतरगढ़पट्टी, सीता देवी निवासी चतरगढ़पट्टी और सागर निवासी चतरगढ़पट्टी के खिलाफ अभियोग दर्ज किया है। इसके अलावा सदर थाना पुलिस ने भी नगर योजनाकार की शिकायत पर अवैध तरीके से निर्माण व कॉलोनी काटने वाले शाहपुर बेगू निवासी हर भजन सिंह, सुखवंत कौर निवासी खाजाखेड़ा, नंदलाल, बचन सिंह, भूरा सिंह, ओमप्रकाश, रितेश कुमार निवासी शाहपुर बेगू, अशोक नेहरा निवासी बेगू रोड मिल्क प्लांट, अनीता रानी, सुखदीप कौर, भूरा सिंह, जगदीप व गुरुचरण निवासी शाहपुर, खाजाखेड़ा निवासी अमनदीप कौर व कंगनपुर निवासी गुरमीत कौर के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं।
वहीं, रानिया थाना पुलिस ने नगर योजनाकार अरविंद्र कुमार की शिकायत पर राकेश कुमार निवासी अभोली के खिलाफ हुडा एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। राकेश कुमार ने अभोली में वर्ष 2011 में अवैध कॉलोनी का निर्माण किया था। इसके अलावा रानियां निवासी जयदेव सिंह के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। रानियां निवासी श्याम सुंदर व मोना राम ने भी साल 2012 में अवैध कालोनी काट डाली थी। उधर, ऐलनाबाद थाना पुलिस ने ढाणी बचन सिंह निवासी जगीर कौर, ऐलनाबाद निवासी राधेश्याम, ढाणी शेरा निवासी कमला देवी, ऐलनाबाद निवासी राजीव और अमर के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
नगर योजनाकार विभाग का कहना है कि जिले में काफी संख्या में अवैध रूप से कॉलोनी काट ली व बिना अनुमति के भवन निर्माण किया हुआ है। इन लोगों को विभाग की तरफ से पहले नोटिस जारी किया गया था लेकिन कोई जवाब नहीं आया। अब विभाग ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा पुलिस से कर रहा है।