गांव सकता खेड़ा स्थित खालसा राइस मिल मालिक ने अपने पार्टनर के साथ मिलकर जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से लाखों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। पुलिस ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राकेश कुमार आर्य की शिकायत पर राइस मिल के मालिक मंजीत सिंह और उसके पार्टनर जवाहर नाथ ट्रेडिंग कंपनी सिरसा के संचालक सोनू के खिलाफ फर्जी कागजात तैयार करने, धोखाधड़ी और साजिश रचने का केस दर्ज किया है।
सकता खेड़ा में पंजाब के जिला मानसा के गांव फतेहपुर निवासी मंजीत सिंह की खालसा राइस मिल है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से मिलिंग के लिए खालसा राइस मिल को धान की आपूर्ति की गई थी। मिल मालिक मंजीत सिंह को मिलिंग के लिए जमानत के तौर पर सात लाख की विभाग के नाम एफडी करवानी थी। मंजीत सिंह ने अपने पार्टनर मैं. जवाहर नाथ ट्रेडिंग कंपनी सिरसा के संचालक सोनू के साथ मिलकर विभाग से धोखाधड़ी की साजिश रची।
ऐसे की धोखाधड़ी
डबवाली स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के नाम सात लाख की एफडी की बजाय 18 अक्तूबर 2016 को सात सौ रुपये की एफडी करवा दी। इसके बाद फर्जी कागजात तैयार करके विभागीय अधिकारियों को थमा दिए।
मैं. जवाहर नाथ ट्रेडिंग कंपनी सिरसा के संचालक सोनू ने कागजातों में गारंटर के तौर पर अपना अकाउंट नंबर दिया था। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राकेश आर्य का कहना है कि जांच के दौरान राइस मिल मालिक मंजीत सिंह की धोखाधड़ी पकड़ी गई। सोनू ने कागजों में जो अकाउंट नंबर दिया, वह उसका नहीं बल्कि सतबीर सिंह नाम के किसी शख्स का निकला। दोनों के खिलाफ हुडा चौकी में शिकायत दी गई।
जांच अधिकारी एएसआई रण सिंह का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अभियोग दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू हो चुकी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्त में लिया जाएगा।