सेट टॉप बॉक्स के नाम पर 7.7 लाख रुपए की ठगी
सिरसा। सेट टॉप बॉक्स के नाम पर चार लोगों ने मिलकर एक फर्म के साथ करीब 7.7 लाख रुपये की ठगी की है। यही नहीं जब चारों लोगों से पेमेंट मांगी तो जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद फर्म के डिस्ट्रीब्यूटर ने डीजीपी को एक शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। ठगी करने वालों में सुनील निवासी रेड स्क्वेयर मार्केट अर्बन इस्टेट फस्ट हिसार, नितिन सूद सेल हेड हरियाणा कंपनी ग्रांट इंवेस्टेड लिमिटेड सेक्टर-21 बी, चंडीगढ़, रमन वालिया नार्थ हैड कंपनी ग्रांट इंवेस्टेड लिमिटेड जीरकपुर पंजाब, राजकुमार निवासी वार्ड नंबर 11 भारत नगर हिसार शामिल हैं।
डीजीपी को दी शिकायत में राजेंद्र निवासी शाहपुर बेगू ने बताया कि उने पूरे हरियाणा में मैसर्स रीयल केबल एंड डिस्ट्रीब्यूटर के नाम से प्रोपराइटर फर्म है। जिसका ग्राट इंस्वेटेड लिमिटेड नाम की कंपनी से मुंबई से टाईअप है। वह कंपनी से सेट टॉप बॉक्स खरीदकर पूरे हरियाणा में केबल आपरेटरों को सप्लाई करता है। वर्ष 2017 में हिसार निवासी सुनील का उसके पास फोन आया कि जीरकपुर में एक व्यक्ति ग्राट के सेट टॉप बॉक्स खरीदना चाहता है। डीलरशिप उसके पास ही थी तो वह उसके माध्यम से ही खरीद सकता था। उसके साथी नितिन व रमन मुंबई की उक्त कंपनी में ही काम करते थे। ये दोनों कई बार सिरसा आए थे और उसके साथ अच्छा विश्वास बना लिया था। दोनों ने उसे विश्वास में लिया कि वे दोनों नार्थ जोन का कारोबार संभालते हैं। दोनों ने जुलाई 2017 के दूसरे सप्ताह में उससे कहा कि हमारे पास एक फर्म शिवा केबल नेटवर्क हिसार, जिसने अपना नया-नया कारोबार शुरु करना है। जिसका संचालक सुनील पचार है। उसे हिसार में सैट टॉप बॉक्स लगाने के लिए लगभग 10000 से भी ज्यादा बॉक्स की जरुरत है। अगर तुम चाहो तो वे तुम्हारी सुनील पचार से बातचीत करवा देते हैं और इसमें तुम्हें भी लाभ होगा। इस प्रकार से दोनों ने उसकी सुनील के साथ उपरोक्त सैट टॉप बॉक्स खरीदने की एवज में तमाम बातचीत सिरसा में करवा दी। सैट टॉप बॉक्स की सप्लाई होने के बाद उसकी पेमेंट कर दी जाएगी। दोनों ने सुनील को 28 जुलाई 2017 को 500 सेट टॉप बॉक्स हिसार के लिए उठवा दिए। आरोपी राजकुमार ही सेट टॉप बॉक्स लेने के लिए आया था। यही नहीं उसे 500 सैटअप बॉक्स का बिल अपनी फर्म के नाम से पक्के में सुनील की फर्म के नाम से काट कर दिया था। काफी समय तक कंपनी को बॉक्स की पेमेंट नहीं की गई। आरोपियों ने दो बार में एक बार 2 लाख 65 हजार व दूसरी बार 4 लाख 42 हजार रुपए वायलेट से सुनील की फर्म के खाते में डाल दी, ताकि उसे ये लगे की पेमेंट जमा हो गई है। लेकिन तीनों ने राश िकंपनी को जमा नहीं करवाई। कई दिनों तक वह पेमेंट के लिए कहता रहा। लेकिन वे टरकाते रहे। अब जब वह पेमेंट के लिए फोन करता है तो चारों उसे जान से मारने की धमकी देते हैं। जांच अधिकारी भूप सिंह ने बताया कि मामले की शिकायत आई है। शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।