ओढां। ओढां की आईटीआई में बीते बुधवार को करंट की चपेट में आने से घायल हुए नुहियांवाली निवासी 19 वर्षीय रमेश कुमार की वीरवार रात साढ़े आठ बजे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज मेें मौत हो गई। करंट से झुलसे रमेश को तीन दिन से वेंटिलेटर पर रखा गया था। ऐसे में मृतकों की संख्या चार हो गई। मृतक रमेश का शव अग्रोहा से पोस्टमार्टम उपरांत दोपहर करीब साढे़ 12 बजे गांव में पहुंचा। हालांकि रमेश की मौत वीरवार रात्रि साढ़े 8 बजे हो चुकी थी लेकिन उसके घर पर इसकी सूचना शुक्रवार दोपहर को दी गई।
रमेश की मौत की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची तो हर तरफ चीख-पुकार मच गई। अपने बेटे के स्वस्थ होकर घर लौटने की आस लगाए बैठी उसकी मां सिलोचना देवी को जैसे ही मौत की खबर दी गई तो वह बेसुध हो गई। तहसीलदार नौरंग दास व पुलिस विभाग मौके पर मौजूद रहा। परिजनों ने दोपहर को रमेश का अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक रमेश अपने एक भाई से छोटा व बहन से बड़ा था। रमेश इलेक्ट्रिक ट्रेड का छात्र था और उसका आईटीआई में प्रथम वर्ष था। रमेश ने गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से 12वीं की शिक्षा लेने उपरांत ओढां आईटीआई में दाखिला लिया था। रमेश के दोस्त विशाल व राकेश कुमार के अनुसार रमेश बेहद ही शांत स्वभाव का था। वे तीनों हर रोज एक साथ आईटीआई जाते थे। लेकिन घटना केे दिन बुधवार को विशाल व राकेश किसी कार्यवश आईटीआई नहीं गए थे। रमेश की इलेक्ट्रिक में काफी रुचि थी। रमेश का बड़ा भाई सूरजपाल कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहा है। रमेश की घर की आर्थिक दशा काफी कमजोर है। अपने पति देवीलाल के पैर में चोट लगने के कारण सिलोचना दुपट्टे रंगाई का कार्य कर जैसे-तैसे परिवार का पालन पोषण कर रही है।
हादसे में मारे गए तीनों लोगों के परिजनों को 5-5 लाख व रमेश के घायलावस्था में होने के कारण उसको 3 लाख रुपये की राशि दी गई थी। अब ये अब ये राशि बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई है। रमेश के इलाज पर जो भी किसी तरह का खर्च हुआ है वो भी वहन किया जाएगा। इसके अलावा जो भी यथासंभव सहायता होगी वो जरूर की जाएगी।
-लालचंद रिवाड़िया, प्राचार्य, आईटीआई सिरसा।