अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
रेप के झूठे केस में फंसाने के नाम पर ब्लैकमेल करने वाले पांच आरोपियों को पुलिस रविवार दोपहर अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया।
पुलिस ने इस मामले में सुभाष बस्ती निवासी कारोबारी महेश रतन की शिकायत पर रानी उर्फ रजनी कंबोज निवासी चामल, ममता कंबोज निवासी झोरडनाली, इसका पति काला उर्फ रमेश कुमार कंबोज निवासी झोरडनाली, जगदेव उर्फ रमन सिंह निवासी मल्लेका और पंकज कुमार निवासी चामल के खिलाफ केस दर्ज किया था।
पुलिस को दी शिकायत में कारोबारी महेश रतन ने बताया कि 16 मार्च की शाम करीब सवा सात बजे उसकी दुकान पर पंकज कुमार आया। उसके साथ एक लड़की भी थी, जिसे पंकज रानी कहकर पुकार रहा था। दोनों उससे कहने लगे कि ‘आपके पास काम के लिए एक लड़की की जरूरत है, दोनों बातचीत करते करते रानी ने मुझे कहा की आप दुकान के ऊपर बने कमरे में जहां पर आप पैकिंग करते हो वह जगह मुझे दिखाओ, मैं रानी को ऊपर का कमरा दिखाने ले गया। मैंने पंकज को भी कहा था कि आप भी साथ चलो, लेकिन पंकज कुमार ने मुझे कहा की ये घर की ही बात है। तुम इसे कमरा दिखा दो। कमरे में जाते ही रानी मेरे साथ अश्लली हरकत करने लगी। मैंने उसे रोका तो वह बोली कि तू ज्यादा बोला तो मैं शोर मचाकर तुझे फंसा दूंगी। इतने में ही पंकज व एक और लड़का और एक महिला ऊपर आ गए। उन्होंने आते ही मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। ये लोग कहने लगे कि लड़की के साथ रेप करने की कोशिश की है, तुझे बलात्कार के केस में फंसवाएंगे।
ये लोग कहने लगे कि पांच लाख रुपये दो नहीं तो पुलिस बुलाते हैं। तभी एक लड़का और ऊपर कमरे में आ गया जिसको ये सभी काला नाम से पुकार रहे थे। ये लड़का कहने लगा कि जल्दी से रुपयों का इंतजाम करो नहीं तो तुझे अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ सकता है। कारोबारी महेश रतन का कहना है कि वह डर के मारे ढाई लाख रुपये देने को तैयार हो गया। उक्त लोगों ने उसे तीन दिन का टाइम देकर रात साढ़े दस बजे छोड़ दिया। इनके चंगुल से छूटने के बाद महेश रतन ने पुलिस को सारी आपबीती बताई। पुलिस ने कारोबारी से ब्लैकमेल करने वाले लोगों को दुकान में बुलाने को कहा। कारोबारी के फोन करने पर दोनों महिलाएं, पंकज और रमेश दुकान में आ गए और पुलिस ने चारों को दबोच लिया। आरोपी जगदेव दुकान के बाहर खड़ा था, जो मौके से फरार होने में कामयाब रहा। शहर थाना प्रभारी अमित बैनीवाल का कहना है कि चारों अभियुक्तों को रविवार दोपहर ड्यूटी मजिस्ट्रेट समक्ष पेश किया गया था। मजिस्ट्रेट ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।