अमर उजाला ब्यूरो
ओढां (सिरसा)।
कहावत है कि हर चीज का समय और स्थान निश्चित होता है। दो दोस्त पंजाब के भूच्चो मंडी में पेपर देने के लिए बाइक पर सवार होकर घर से निकले थे। रास्ते में सड़क दुर्घटना में एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक घायल हो गया। अपने घायल दोस्त की मदद के लिए दूसरा दोस्त बीच सड़क पर मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने भी मदद करने की जहमत नहीं उठाई। वहीं, इस दुर्घटना में पंजाब की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था भी खुलकर सामने आई है। घायल सड़क पर पड़ा रहा और उसका घायल दोस्त मदद के लिए चिल्लाता रहा। जब तक एंबुलेंस पहुंची तब तक काफी देर हो चुकी थी।
नुहियांवाली के एनपीएस में साइंस टीचर ओढां निवासी रविंद्र गोयल का भूच्चो मंडी में बैंकिंग का पेपर था। रविंद्र ने अपने साथी टीचर सुनील को साथ चलने के लिए कहा तो वो तैयार हो गया। दोनों बाइक पर सवार होकर सुबह निकल पड़े। जब वे पंजाब के फु लो खारी के निकट पहुंचे तो उनकी बाइक धुंध की वजह से रोड किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। इस हादसे में बाइक सवार दोनों टीचर घायल हो गए। काफी देर तक पड़े रहने के बाद रविंद्र को होश आया तो उसने सुनील को संभाला। इस दुर्घटना में बदहवाश हुआ सुनील सड़क के बीचों-बीच खड़े होकर मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी भी वाहन चालक ने मदद करने की जहमत नहीं उठाई। आधे घंटे तक मदद की गुहार लगाकर थक चुके रविंद्र ने नजदीक ही स्थित एक ढाणी में जाकर उसे अवगत करवाया। उक्त व्यक्ति ने एंबुलेंस के नंबर मुहैया करवाया। करीब पौने घंटे बाद अकेला चालक एंबुलेंस लेकर मौकेे पर पहुंचा। वहीं, रामा पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर दुर्घटना का जायजा लिया। रामा पुुलिस के एएसआई दलोर सिंह ने बताया कि इस संबंध में मृतक के पिता के बयान पर 174 के तहत कार्रवाई अमल में लाई गई है।
बच सकती थी जान
इस दुर्घटना में घायल सुनील को समय पर मदद मिल जाती तोे शायद उसकी जान बच सकती थी। हालांकि घटनास्थल से 4-5 किलोमीटर दूर ही हॉस्पिटल था, लेकिन किसी ने भी मदद करने की जहमत नहीं उठाई। जब तक सरकारी एंबुलेंस पहुंची तो उसे अंदर डालते समय सुनील दम तोड़ चुका था। रविंद्र के अनुसार चालक जब एंबुलेंस लेकर पहुंचा तो न ही तो उसके साथ कोई ईएमटी था और न ही अन्य कोई व्यवस्था। यहां तक की चालक ने गाड़ी से उतरकर घायल युवक को गाड़ी में डालने के लिए मदद तक नहीं की। रविंद्र के अनुसार तलवंडी साबो के जनता अस्पताल में भी स्टाफ ने इलाज करने की बजाय पहले पूछताछ ही जारी रखी। इस दुर्घटना में घायल हुआ रविंद्र सदमे में है।
हसमुख एवं मिलनसार था सुनील
23 वर्षीय सुनील अपने एक भाई से छोटा एवं हसमुख तथा मिलनसार युवक था। बी-कॉम करने केे बाद सुनील नुहियांवाली के एनपीएस में बतौर कॉमर्स टीचर कार्यरत था। स्कूल के निदेशक वकील गोदारा के मुताबिक सुनील उनके स्कूल में छह माह पूर्व ही आया था। उन्होंने बताया कि सुनील शिक्षा के क्षेत्र में काफी संजीदा था। वहीं सुनील की मृत्यु पर एनपीएस स्टाफ ने शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि भेंट की।