स्टाफ की कमी को लेकर स्कूल गेट पर जड़ा ताला, नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
डबवाली।
क्षेत्र के गांव कालूआना में स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में स्टाफ की कमी और मौजूदा स्टाफ में से कई शिक्षकों के तबादले से नाराज ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़कर धरना दिया। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने की सूचना पाकर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीण और अभिभावक मांग पर अड़े रहे।
मामले के अनुसार गांव कालूआना में एकमात्र स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी में करीब 25 गांवों से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में स्टाफ का जहां पहले ही टोटा है, वहीं नई ऑनलाइन ट्रांसफर नीति के तहत स्कूल में तैनात पांच अन्य स्टाफ का भी ट्रांसफर कर दिया गया है, जिस कारण समस्या और बढ़ गई है। उन्होेंने बताया कि उससे भी बड़ी समस्या ये है कि स्कूल के प्रिंसिपल को अभी तक डीडी पावर नहीं दी गई है। साथ ही विभाग की ओर से स्कूल डीपी तथा पीटी का पद खत्म कर खेलों का ऑप्शन भी समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि स्टाफ की कमी और प्रिंसिपल को डीडी पावर देने की मांग को लेकर पंचायत की ओर से डीईओ को लिखित में अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्या की ओर गौर नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि स्कूल में स्टाफ जहां पूर्व में भी आधा था, वहीं पांच और स्टाफ के ट्रांसफर के साथ समस्या और गहरा गई है। स्टाफ की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। परीक्षाओं का समय आने वाला है और अगर जल्द स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई तो बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। विभाग की अनदेखी के चलते ही सोमवार की सुबह ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने निर्णय लेकर कक्षाओं का बहिष्कार करवाकर स्कूल के गेट को ताला जड़ दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई तो आगामी आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए सरपंच प्रतिनिधि जगदेव सहारण ने बताया कि ग्राम पंचायत तथा स्कूल स्टाफ की ओर से डीडी पावर के लिए डीईओ से भी मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उल्लेखनीय है कि गांव कालुआना में स्थित उपरोक्त स्कूल सहित राजकीय प्राइमरी स्कूल, आरोही स्कूल आदि में करीब 25 गांवों की बेटियां स्कूल बसों के माध्यम से पढ़ने के लिए पहुंचती हैं। इससे पहले ही स्कूलों में स्टाफ की कमी थी। उक्त स्कूल में इंग्लिश के चार, मैथ के दो, हिंदी के दो अध्यापकों सहित प्रिंसिपल का पद रिक्त हैं और पांच अध्यापकाें की ट्रांसफर के बाद पढ़ाई पर इसका विपरीत असर पड़ेगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल चौटाला के प्रिंसिपल राजेंद्र कुमार ने बताया कि बीईओ बलजिंद्र सिंह भंगू के कहने पर वह गांव कालुआना में गए थे, उन्होंने स्टाफ सदस्यों, ग्राम पंचायत मेंबरों के साथ बच्चों से बात करने और उन्हें समझाने का प्रयास किया था, लेकिन बच्चे नहीं माने और कक्षाओं की बजाय अपने घरों को लौट गए।