अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। क्षेत्र के गांव कालूआना के पूर्व सरपंच जगदेव सहारण की हुई मौत के मामले में 9 माह बीत जाने के बाद भी आरोपी बनाए गए कर्मचारियों पर कार्रवाई न होने पर मृतक की धर्मपत्नी ने एसपी कार्यालय में धरना शुरू कर दिया है। परिवार के लोगों के साथ गांव के ग्रामीण भी महिला के समर्थन में उतर आए हैं। दोपहर को एसपी ने महिला को बातचीत के लिए बुलाया था। महिला ने आरोपी बनाए गए पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड करने की शर्त रखी। जिसे एसपी ने मानने से साफ इनकार कर दिया। इसपर महिला ने कहा कि जब तक कर्मचारियों को सस्पेंड नहीं किया जाता। धरना लगातार जारी रहेगा। गीता देवी की मांग है कि एएसआई जगतराम, एसआई सतबीर सिंह को सस्पेंड किया जाए।
मृतक की पत्नी गीता देवी ने बताया कि 15 अक्तूबर 2017 को पुलिस हिरासत में उसके पति की मौत हुई थी। शुरू में जहां पुलिस ने सामान्य धाराएं लगाकर इतिश्री कर ली। वहीं महिला व उसके परिजनों की ओर से पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से भी कार्रवाई के लिए संपर्क साधा गया। यहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर महिला ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को विभिन्न धाराओं के तहत मृतक के साथ मौजूद पुलिस कर्मचारियों पर केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। लेकिन पुलिस ने अभी तक दोषी कर्मचारियों को न तो अभी गिरफ्तार किया है। महिला का कहना है कि गंभीर आरोप होने के बाद भी पुलिस ने मामले में जरा भी संजीदगी नहीं दिखाई। महिला ने पुलिस प्रशासन को चेताया है कि जब तक आरोपी बनाए गए पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड नहीं किया जाता। वह लगातार धरना देगी। इस दौरान अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेवार होगा।
धरने के पहले दिन स्वामीनाथ संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार व कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता होशियारी लाल शर्मा ने भी महिला की मांगों का समर्थन किया।
पुलिस से मांगा 4 सवालों का जवाब:
1. घटना के 10 माह बीत जाने के बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
2. मामले में संदिग्ध आरोपियों की कॉल डिटल व टावर लोकेशन क्यों नहीं प्राप्त की जा रही है?
3. घटना को अंजाम देने वाले पुलिस कर्मियों को अब तक सस्पेंड क्यों नहीं किया गया?
4. एसआईटी के गठन में इतना समय क्यों लग रहा है?