अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
दहेज के लिए विवाहिता की हत्या करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी पति और ससुर को दोषी करार देते हुए दस-दस साल कैद की सजा सुनाई है। पुलिस ने मृतका की बहन माया देवी की शिकायत पर दोषियों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया था।
मामले के अनुसार रसूलपुर निवासी मीरा देवी की शादी वर्ष 2012 में गांव मिर्जापुर निवासी सुभाष पुत्र मुलतान राम के साथ हुई थी। शादी के बाद मीरा ने पुत्र को जन्म दिया। पुलिस को दिए बयान में माया देवी ने बताया था कि उसकी छोटी बहन मीरा अक्सर उसके पास आकर बताती थी कि उसका पति सुभाष और ससुर मुलतान राम उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते हैं। एक जुलाई 2015 को पति और ससुर ने मीरा को अपने पिता से मोटरसाइकिल लाने को कहा, लेकिन मीरा ने साफ इंकार कर दिया। इसके बाद दोनों ने मीरा को खूब पीटा। दो जुलाई की सुबह सुभाष और मुलतान राम ने मीरा से मारपीट कर फांसी पर लटका दिया। माया ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि जब वह घर पहुंची तो उसने देखा कि सुभाष और मुलतान ने मीरा के गले से फंदा निकालकर उसके शव को बेड पर लेटा रहे थे। पुलिस ने माया देवी के बयान पर आरोपी पति और ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार की अदालत ने मंगलवार को इस मामले का निपटारा करते हुए पति सुभाष व ससुर मुलतान राम को दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए दस-दस साल कैद की सजा सुनाई।