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अस्पताल प्रबंधन ने दोनों से मांगा स्पष्टीकरण, पत्नी की डिलीवरी करवाने आए युवक ने सोई हुई स्टॉफ नर्स को जगाया तो हुआ खुलासा

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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। एक सप्ताह में अस्पताल में रात्रि को स्टॉफ के गायब होने का दूसरा मामला सामने आया है। तीन दिन पूर्व हुए मामले में सोमवार को अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ड्यूटी से नदारद रहने वाले कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं रविवार रात्रि को भी स्टॉफ व सिक्योरिटी गार्ड के गायब रहने का खुलासा उस समय हुआ, जब डिलीवरी करवाने के लिए एक दंपति आया। लेकिन आधा घंटे तक महिला को दाखिल नहीं किया गया। अस्पताल प्रबंधन ने भी नाइट ड्यूटी से गायब रहने पर स्टॉफ नर्स व सिक्योरिटी गार्ड से स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन इस मामले पर कुछ नहीं बोल रहा और अधिकारी एक दूसरे की जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
ये था पूरा मामला:
पहला मामला तीन दिन पूर्व अस्पताल के गायनी वार्ड में तैनात सिक्योरिटी गार्ड व स्टॉफ नर्स का है। मामले के अनुसार गायनी वार्ड में तैनात नाइट ड्यूटी में दो स्टाफ नर्सें तैनात थी। वहीं सिक्योरिटी गार्ड भी रात्रि ड्यूटी में वार्ड में मौजूद था। सिक्योरिटी गार्ड व एक स्टॉफ नर्स रात्रि को बिना बताए कहीं चले गए और काफी देर तक नहीं आए। दूसरे स्टॉफ सदस्यों को इसका पता चला तो उन्होंने अस्पताल की एमएस को अवगत करवाया। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुभाषिनी जैन ने दोनों से स्पष्टीकरण मांगा। हालांकि सोमवार को दोनों को एमएस ने अपने कार्यालय में बुलाया था। लेकिन किसी कारणवश एमएस के व्यस्त होने से मामला मंगलवार पर चला गया। इसी कड़ी में रविवार रात्रि को भी कुछ ऐसा ही घटित हुआ। रात्रि को रानियां रोड निवासी एक युवक अपनी पत्नी की डिलीवरी करवाने के लिए आया। रात्रि को उक्त दोनों ही स्टॉफ नर्सों व सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी थी। पूर्व की भांति स्टॉफ नर्स व सिक्योरिटी गार्ड बायोमीट्रिक हाजिरी लगाकर वार्ड से गायब हो गए और वापस नहीं लौटे। जबकि दूसरी स्टॉफ नर्स सोई हुई मिली। युवक के कहने पर स्टॉफ नर्स को जगाया गया तो उसने बजा य ड्यूटी को समझते हुए युवक को ही खरी खोटी सुनानी शुरू कर दी। इसके बाद युवक ने अपने किसी परिचित को फोन कर सूचित किया। जिसके बाद स्टॉफ नर्स ने डिलीवरी करवाई।
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गायनी वार्ड में नहीं है नियुक्ति है पुरुष सिक्योरिटी गार्ड:
पिछले करीब पांच सालों से आउटसोर्सिंग के तहत अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड व अन्य कर्मचारियों की तैनाती की गई है। महिला एवं प्रसूति वार्ड में महिलाओं का आवागमन अधिक होता है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने कभी इस बात पर गौर नहीं किया की जब वार्ड महिलाओं का है तो यहां पुरुष सिक्योरिटी गार्ड का क्या काम। हालांकि पूर्व के ठेके में महिला सिक्योरिटी गार्ड थे जरूर। लेकिन उनकी ड्यूटी गायनी वार्ड की बजाय दूसरे वार्डों में लगा दी गई। जबकि यहां पुरुष सिक्योरिटी गार्ड ही तैनात है।
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सीसीटीवी से खुल जाएगा सारा राज:
अस्पताल में कुछ समय पूर्व सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। गायनी वार्ड में भी कई कैमरे लगे हैं। अगर अस्पताल प्रबंधन जांच करता है स्टॉफ नर्स व सिक्योरिटी गार्ड के आने जाने की पूरी गतिविधि जांच करने पर सीसीटीवी में मिल जाएगी। लेकिन पूर्व के मामलों में की गई लीपापोती को देखते हुए लगता नहीं की अस्पताल प्रबंधन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करेगा।

इस मामले की जांच डॉ. सुभाषिनी के पास है। इसलिए मैं कुछ नहीं कह सकता।
डा. संदीप गुप्ता, कार्यकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी।

मैं पांच दिनों की छुट्टी पर हूं, इसलिए मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
डा. गोविंद गुप्ता, सीएमओ सिविल अस्पताल सिरसा।
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