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दहेज की बलि चढ़ी नवविवाहिता को मिला इंसाफ

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
दहेज के लिए नवविवाहिता को जिंदा जलाकर मारने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी पति और सास को दोषी करार दिया है। न्यायालय पति-सास का सजा का फैसला 15 मार्च तक सुरक्षित रखा है। 15 मार्च को अदालत दोषियों की सजा का फैसला सुनाएगी।
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मामले के अनुसार पंजाब के तलवंडी साबो निवासी सतपाल की बेटी सुनीता की शादी तीन दिसंबर 2014 को डबवाली एकता नगर निवासी पवन कुमार से हुई थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज को लेकर प्रताड़ित करने लगे। शादी के दो महीने बाद पति पवन और सास माया देवी सुनीता को अपने पिता से 50 हजार रुपये लाने को कहने लगे। सुनीता के इंकार करने पर दोनों ने उसके साथ मारपीट की। 15 अगस्त 2015 को सुनीता ने अपने पिता को फोन करके कहा कि ‘पापा मुझे यहां से ले जाओ, ये लोग मिट्टी के तेल की कैनी लेकर आए हैं’। दोपहर को पति और सास ने मिलकर सुनीता पर मिट्टी का तेल छिड़कर उसे जिंदा जलाकर मार डाला। शाम को पिता सतपाल को घटना का पता चला। परिवार वाले मौके पर पहुंचे। डबवाली पुलिस ने मृतका के पिता सतपाल का बयान दर्ज करके दहेज हत्या के आरोपी पति पवन और सास माया देवी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। 21 अगस्त को पुलिस ने हत्यारोपी पति पवन व सास को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। सोमवार दोपहर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने दहेज हत्या के इस मामले का निपटारा करते हुए आरोपी पवन और माया देवी को दोषी करार देकर सजा का फैसला सुरक्षित रख लिया। जैसे ही अदालत ने दोषी करार का फैसला सुनाया। सास माया देवी अदालत में जोर-जोर से रोने लगी।
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