ओढां थाना के हेडकांस्टेबल पर पैसे के लिए मारपीट करने का आरोप
दस हजार में हुई थी बातचीत, पीड़ित ने दिखाए मारपीट के निशान, हेडकांस्टेबल ने नकारे आरोप
साढ़े तीन माह पूर्व भी पैसे के लिए टॉर्चर करने का लगा था आरोप, थाने में शव रखकर ग्रामीणों ने काटा था जमकर बवाल
ओढां।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल जलालआना के एक युवक ने ओढां थाना के एक कर्मचारी पर पैसे के लिए मारपीट करने का आरोप लगाते हुए कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घायल गुरसेवक सिंह के अनुसार आठ अगस्त को उसका झगड़ा उसकी बुआ के लड़के केवल सिंह के साथ हो गया था। जिस पर केवल सिंह की शिकायत पर पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था। बताया गया है कि गुरसेवक सिंह को सरपंच प्रतिनिधि सुखपाल सिंह ने थाने में पेश कर दिया। गुरसेवक सिंह का आरोप है कि थाने में तैनात हेडकांस्टेबल सुखविंद्र सिंह ने उससे 10 हजार रुपये मांगते हुए कहा कि अगर मारपीट से बचना है तो घर से 10 हजार रुपये मंगवा ले। पुलिस मारपीट से भयभीत हुए गुरसेवक सिंह ने अपने पिता को फोन कर 10 हजार रुपये लेेकर आने की बात कही।
गुरसेवक के पिता वीरा सिंह चार हजार रुपये का जुगाड़ कर गांव के प्रीतम सिंह व गमदूर सिंह को साथ लेकर थाने पहुंचे। वीरा सिंह के मुताबिक उसने एसएचओ के रूम में सुखविंद्र सिंह को चार हजार रुपये दे दिए। वीरा सिंह के साथ आए दोनों लोगों ने बताया कि उन्होंने वीरा सिंह की आर्थिक हालत का हवाला देकर हेडकांस्टेबल से मिन्नतें भी की लेकिन वह 10 हजार रुपये लेने की बात पर अड़ा रहा। गुरसेवक सिंह का आरोप है कि हेडकांस्टेबल ने शिकायतकर्ता केवल सिंह व लक्खा सिंह की मौजूदगी में उनके कहने पर उसके साथ पैसे देने के बावजूद पट्टे से बुरी तरह से पिटाई की। आरोप है कि सुखविंद्र सिंह ने केवल सिंह से 15 हजार रुपये लिए। वीरा सिंह के अनुसार सोमवार को जब उसके बेटे को अदालत में पेश किया गया तो अदालत परिसर में भी हेडकांस्टेबल बाकी छह हजार रुपये की नकदी मांगता रहा।
गौरतलब हो कि साढे़ तीन माह पूर्व एनडीपीएस मामले में ओढां निवासी रामनाथ की सिरसा न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी जिस पर उसके परिजनों ने ओढां पुलिस के दो कर्मचारियों पर पैसे न देने पर टॉर्चर करने का आरोप लगाते हुए थाने में शव रखकर जमकर बवाल काटा था।
परिजनों ने करवाया अस्पताल में भर्ती
सोमवार को अदालत से जमानत मिलने उपरांत रास्ते में गुरसेवक की बिगड़ी तबीयत के चलते परिजनों ने उसे सीएचसी ओढां में भर्ती करवाया। अस्पताल में दाखिल गुरसेवक सिंह ने पुलिस ज्यादती के निशान दिखाए। गुरसेवक सिंह ने रोते हुए बताया कि हेडकांस्टेबल ने उससे चार हजार रुपये लेते हुए बुरी तरह से मारपीट की है। वहीं, वीरा सिंह ने पुलिस अधीक्षक से आरोपी हेडकांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आरोप बेबुनियाद
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया हुआ था। इसलिए उसकी गिरफ्तारी के उपरांत उसे अदालत में पेश किया गया था। इससे पूर्व उसका मेडिकल भी करवाया गया। मैंने किसी भी पार्टी से पैसे नहीं लिए और न ही कोई मारपीट की। उक्त लोगों द्वारा लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
-सुखविंद्र सिंह, हेडकांस्टेबल।
मुझे इस बारे जानकारी मिली है। पीड़ित पक्ष को थाने में बुलाया गया है। इस बारे हेडकांस्टेबल से भी पूछताछ की जाएगी। अगर इस मामले में आरोप सिद्ध हुए तो पुलिस आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
-जगदीश जोशी, एसएचओ।