बडागुढ़ा/डबवाली। वार्ड नंबर 10 में श्री कृष्ण प्रणामी सत्संग घर के पास स्थित बांसल परिवार के पुश्तैनी घर में दो दिन पहले तक मंगल गीत गाए जा रहे थे। लेकिन सोमवार को उसी घर से पांच सदस्यों की अर्थियां उठीं। नेशनल हाइवे नौ पर रविवार रात 11 बजे सड़क हादसे में जान गंवाने वाले बांसल परिवार के पांच पारिवारिक सदस्यों के बाद अब घर में शारदा देवी व सात वर्षीय छोटी पोती भुवी ही बची हैं।
मृतक विकास व घनश्याम दोनों भाई थे। हादसे में विकास की पत्नी शिल्पा, नीशू बंसल और उसकी बेटी भव्या की भी मौत हो गई। मृतक विकास घनश्याम से बड़ा था। डबवाली अनाज मंडी के बी-ब्लॉक में घनश्याम दास एेंड कंपनी के नाम से आढ़त का कारोबार करते थे। अपने पिता कृष्ण चंद बांसल की 23 जुलाई 2018 को हुई मृत्यु के बाद विकास व घनश्याम दोनों ने मिलकर आढ़त के कार्य को आगे बढ़ाया था। इस घटना के शोक स्वरूप डबवाली में आढ़तियों ने अपनी दुकानें बंद रखी।
बुआ के बच्चों के साथ खेल रही थी भुवी, इसलिए छोड़ गए
घनश्याम की शादी गत 27 जून को फतेहाबाद की शिल्पा के साथ डबवाली के ही पैलेस में हुई थी। इसके बाद 30 जून को शिल्पा की अपने मायके में पग फेरे की रस्म थी। शिल्पा के दोनों भाई रविवार को डबवाली आए व शाम करीब 4 बजे शिल्पा को साथ लेकर फतेहाबाद लौट गए। उनके साथ सात वर्षीय भुवी को भी जाना था, मगर वह अपनी बुआ के बच्चों के साथ खेल रही थी। इसलिए उसे घर पर ही छोड़ गए। फतेहाबाद में सब रस्में अदा करने के बाद रात को ही वापस डबवाली के लिए चल पड़े। रास्ते में साहुवाला गांव के पास उनकी कार ट्रक के पीछे जा टकराई। घर में नव नवेली बहू और बाकी पारिवारिक सदस्यों का इंतजार कर रही उनकी मां शारदा देवी सो गई। लेकिन रात के हादसे की खबर उसे सुबह मिली तो वह गुमसुम ही हो गई। घर से हंसते-खेलते गए सब परिजनों की मौत का शारदा देवी को अब तक विश्वास नहीं हो रहा।
शाम को शव पहुंचे तो पूरे डबवाली में छा गया मातम
सोमवार को शव पोस्टमार्टम उपरांत जब डबवाली में पहुंची तो घर में रोने की आवाजें ही सुनाई दे रही थी। घर में जब कफन में लिपटी एक साथ 5 लाशें पहुंची तो मौके पर मौजूद कोई भी अपने आंसू नहीं रोक पाया। घर में विकास की मां शारदा व 7 वर्षीय बेटी भावना उर्फ भुवी ही बचे हैं। मृतक विकास की 4 बहनें हैं जो डबवाली, कालांवाली, रावतसर व हनुमानगढ़ में विवाहित हैं। शादी संपन्न होने के बाद घनश्याम और विकास की तीन बहनें चली गई थी। लेकिन कालांवाली में विवाहित उसकी एक बहन अभी डबवाली में ही ठहरी हुई थी।
शिल्पा के परिजनों ने देर होने पर रुकने के लिए कहा था
जानकारी अनुसार शिल्पा के परिजनों ने उन्हें रात को नहीं जाने के लिए कई बार कहा था। विकास सहित पांचों लोग गाड़ी में सवार होकर रात करीब 9 बजे फतेहाबाद से डबवाली के लिए चल पड़े थे। हादसे की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे शिल्पा के परिजन बार-बार एक ही बात कह रहे थे कि काश वे उनकी बात मानकर रात को रुक जाते।