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गांव खोखर में चचेरे भाई की हत्या के बाद छत पर चढ़ मनाया जश्न

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कालांवाली। क्षेत्र के गांव खोखर में पुरानी रंजिश के चलते एक व्यक्ति की चचेरे भाई ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर गोलियां मारकर हत्या कर दी। मृृतक की पहचान शिवकरण के रूप में हुई है। हत्या की सूचना मिलते ही कालांवाली पुलिस, डबवाली के डीएसपी किशोरी लाल, सीआईए, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम घटना स्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिरसा के सरकारी अस्पताल में भिजवाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
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मृतक के भतीजे हरजिंद्र सिंह ने बताया कि करीब 35 वर्षीय शिवकरण सिंह उर्फ निक्का गांव में ही खेतीबाड़ी करता था। शिवकरण सिंह का अपने चचेरे भाई दलबीर सिंह के साथ पिछले कई सालों से मनमुटाव चल रहा था। जिसका कुछ माह पूर्व पंचायती तौर पर राजीनामा भी हो गया था। लेकिन दलबीर सिंह अभी भी रंजिश रखे हुए था। उसका चाचा शिवकरण सिंह रविवार सुबह करीब 8 बजे खेत में बनी पूर्वजों की समाधि पर दूध चढ़ाने गया हुआ था। गांव खोखर के दलबीर सिंह, सुखवंत सिंह, अमनदीप सिंह, रघुबीर सिंह, जसवंत सिंह और गांव हस्सू निवासी पूर्व सरपंच दर्शन सिंह के साथ उसके सिर व पीठ पर गोली मारकर हत्या कर दी। जिस समय यह वारदात हुई उस समय वह खेत में चक्कर लगाने के लिए आया था और उस समय वह घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर थे। हत्या के आरोपी उसे खेत में आता देखकर जीप व अन्य सामान मौके पर छोड़कर वहां सेे फरार हो गए। उसने इसकी सूचना परिवार को दी।

आरोपियों ने हत्या के बाद छत पर चढ़कर मनाया जश्न
मृतक के भतीजे हरजिंद्र सिंह ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने उनके घर के साथ लगते अपने घर की छत पर चढ़कर हवा में पिस्तौल लहराते हुए जश्न मनाया। परिवार वालों को बोले कि ओह मारया पेया है वड्डा बदमाश, चुक ले आओ लाश खेत विचों। जिसके बाद परिवारवालों ने मौके पर पहुंचकर लाश को संभाला और पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
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अपने भाई की हत्या का साजिशकर्ता समझता था शिवकरण को
मृतक के भतीजे हरजिंद्र सिंह ने बताया कि शिवकरण सिंह व उसके पिता गुरदत्त सिंह के पास दलबीर सिंह के परिवार से ज्यादा जमीन थी। जिसके चलते वे शिवकरण सिंह के साथ रंजिश रखने लगे। लेकिन करीब डेढ़ साल पहले रामां पंजाब में दलबीर सिंह के भाई कुलदीप सिंह का पड़ोसी गांव हस्सू के कुछ लोगों ने मर्डर कर दिया। दलबीर सिंह के भाई का मर्डर करने वाले गांव हस्सू के एक व्यक्ति के साथ मर्डर से पहले शिवकरण सिंह का उठना-बैठना था। जिसके चलते दलबीर सिंह अपने भाई कुलदीप सिंह की हत्या में शिवकरण सिंह का हाथ समझता था। हालांकि कुलदीप सिंह के मर्डर से लगभग एक सप्ताह पहले शिवकरण सिंह लड़ाई में सिर पर गोली के छर्रे लगने के कारण अस्पताल में भर्ती था। गत लगभग 3 माह पूर्व ही गांव माखा के गुरुद्वारे में गांव माखा व अन्य गांवों के लोगों ने शिवकरण सिंह से लगभग साढ़े 4 किले जमीन और लगभग डेढ़ कनाल जगह घर के साथ वाली जगह मृतक कुलदीप सिंह के दो बेटों के नाम करवाकर दलबीर सिंह के साथ आपस में राजीनामा करवा दिया था। वहीं पंचायत में यह भी बात हुई थी कि इसके बाद यदि कोई पहले लड़ाई करेगा तो पंचायत की ओर से आरोपी पर दस लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। लेकिन पंचायती तौर पर राजीनामा होने के बावजूद भी दलबीर सिंह शिवकरण से रंजिश रखे हुए था और उसने राजीनामा की बात पर न रहकर शिवकरण का मर्डर कर दिया।

शिवकरण के हैं तीन बच्चे
मृतक शिवकरण सिंह के हिस्से उसके मृतक भाई गुरदत्त सिंह की जमीन के अलावा लगभग 35 किले जमीन आती है। मृतक शिवकरण पंजाब के तिओना पुजारिया पंजाब में शादीशुदा था और उसके दो लड़कियां 11 साल व 6 साल और एक लड़का 2 साल है।

पुलिस ने जीप और जूतियां की बरामद
शिवकरण सिंह का खेत माखा-खोखर रोड पर था। खेत में बनी समाधि के पास जिस समय शिवकरण सिंह का मर्डर किया गया, उस समय खेत में पानी लगा हुआ था। समाधि के चारों तरफ कीचड़ ही कीचड़ था। कोई भी व्यक्ति वहां चप्पल, बूट आदि के साथ समाधि के पास नहीं जा सकता था। इसके अलावा पुलिस टीमों को भी घटनास्थल पर अपने जूते उतारकर कीचड़ व खून से लथपथ लाश के पास जाना पड़ा। इस दौरान पुलिस को आरोपियों की पहनी हुई जूतियां, एक पुरानी जीप जिसमें डंडे, कुल्हाड़ी, एक तेल का खाली कैन भी मौके से बरामद हुआ।

मृतक के भतीजे हरजिंद्र सिंह के ब्यान के आधार पर गांव खोखर के दलबीर सिंह, सुखवंत सिंह, अमनदीप सिंह, रघुबीर सिंह, जसवंत सिंह और गांव हस्सू निवासी पूर्व सरपंच दर्शन सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। मृतक का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
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- रोहताश कुमार, थाना प्रभारी कालांवाली।
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