कुतियाना माइनर पर पानी चोरी रोकने गए किसानों से मारपीट, केस दर्ज
चोपटा। कुतियाना माइनर पर शुक्रवार सुबह नाथूसरीकलां के कुछ किसान एक जगह दो पाइपें डालकर पानी चोरी कर रहे थे। जिन्हें टेल के किसानों ने पकड़ लिया। टेल के किसान पाइपें उखाड़ने लगे तो पानी चोरी करने वाले लोग मारपीट व गाली-गलौच पर उतारू हो गए। टेल के किसानों ने इसकी सूचना हंजीरा गांव में दी। इसके बाद सैकड़ों किसान मौके पर पहुंच गए और जबरदस्ती पाइप उखाड़ ली। तनाव की सूचना जब चोपटा थाना की पुलिस को लगी तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवाया। बाद में टेल के किसानों ने पानी चोरी करने वाले लोगों के खिलाफ चोपटा थाना में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। वहीं पुलिस थाने के सामने टेल के कई गांवों के किसानों ने पानी चोरी की पाइपों को लेकर सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
थाने में पहुंचे टेल के किसान मदन लाल, महावीर, जयप्रकाश, इंद्रसेन, नरेंद्र, दारासिंह, सुभाष, मनीराम, भूपसिंह, रोहताश, सतबीर, हरीसिंह, देईराम, विरेंद्र, जनकराज, सत्यनारायण ने बताया कि कुतियाना माइनर पर नाथूसरीकलां के कुछ किसान अक्सर पानी चोरी करते हैं। जिन्हें सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कोई भय नहीं है। किसानों ने आरोप लगाया कि शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे कुछ किसान माइनर पर चक्कर लगाने गए तो नाथूसरीकलां का रविंद्र कासनिया चार-पांच अन्य किसानों के साथ बुर्जी नंबर 41800 पर छह-छह इंच की दो पाइपों से पानी चोरी कर रहे थे। आरोप है कि जब पानी चोरी करने वाले लोगों से चोरी ना करने के बारे में कहा तो वो उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए गाली-गलौच करने लगे। किसानों ने पुलिस को दी शिकायत में पानी चोरी करने वाले रविंद्र, लक्ष्मीनारायण, कृष्ण, सुरेश, कालूराम के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने, पानी चोरी करने, मारपीट व गाली-गलौच करने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की।
कोट्स:
-पानी चोरी की घटना से हुए तनाव की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। फिलहाल दोनों पक्षों की तरफ से लिखित में शिकायत आ चुकी है। मामले की जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-कर्ण सिंह, थाना प्रभार चोपटा।
कोट्स:
पानी चोरी की सूचना मिलते ही वो मौके पर पहुंचे और निरीक्षण में पाया कि अवैध रूप से पानी चोरी करके सिंचाई की जा रही थी। रिपोर्ट बनाकर चोरी करने वाले किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए चोपटा थाना में शिकायत दर्ज करवा दी है। वहीं नियमित रूप से नहरों का निरीक्षण किया जा रहा है। ताकि पानी चोरी ना हो।
-दीपक खाटिया, एसडीओ नहरी विभाग।