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एसडीएम ने की सीएम विंडो से कार्रवाई की सिफारिश --5 पंचों पर भी हो सकती है कार्रवाई

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रत्ताखेड़ा के सरपंच व 2 ग्राम सचिव दोषी करार,
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ओढां। गांव रत्ताखेड़ा के सरपंच अनिल कालवा, ग्राम सचिव कृष्ण कुमार व विजय कुमार को पंचायत रिकॉर्ड में गड़बड़ी करने मामले में एसडीएम ने सीएम विंडो पर एटीआर अपलोड करते हुए दोषी करार दिया है। दरअसल गांव के राजेश कुमार नामक व्यक्ति ने सीएम विंडो में शिकायत डालकर सरपंच व ग्राम सचिव पर वर्ष 2016-17 में पंचायती भूमि की राशि में गबन करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। मामले की जांच ओढां के पंचायती राज एसडीओ मुंशीराम जाखड़ को सौंपी गई थी। जांच में पंचायत का वर्ष 2017 का पटा रजिस्टर गायब पाया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार पंचायत को विगत वर्ष पंचायती भूमि की बोली के दौरान 7 लाख 42 हजार रुपये राशि प्राप्त हुई थी। आरोप है कि सरपंच ने 6 लाख 42 हजार रुपये की राशि तो बैंक में जमा करवा दी। लेकिन एक लाख रुपये की राशि गांव में नालियों व गलियों की सफाई के लिए विभागीय नियमों केे विपरीत खर्च कर दिखा दी गई। शिकायतकर्ता ने जब खर्च राशि की जानकारी मांगी तो सरपंच व ग्राम सचिव द्वारा कोई भी संतोषजनक जवाब न देते हुए मस्ट्रोल तथा माप पुस्तिका भी नहीं भरी गई पाई गई। मामले में जब सरपंच से जवाबतलबी हुई तो उसने ग्राम सचिव कृष्ण व विजय कुमार के साथ लीपापोती करने की कोशिश की।
आरोप है कि वर्ष 2017 में पंचायती भूमि की बोली से पंचायत को 9 लाख 80 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। नियमानुसार उक्त राशि को बैंक में जमा करवाना अनिवार्य है लेकिन सरपंच ने 6 लाख 87 हजार रुपये की राशि ही बैंक में जमा करवाई। सरपंच के अनुसार उसने बाकी 2 लाख 93 हजार रुपये की राशि ग्राम सचिवालय के रंग-रोगन पर खर्च कर दी। इस कार्य में सरपंच ने न ही तो कोई मस्ट्रोल भरा और न ही माप पुस्तिका।
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सरपंच व ग्राम सचिव पर डाली थी रिकवरी
सरपंच ने गांव की ढाणियों में वर्ष 2016 में पेयजल आपूर्ति पाइप डाली थी। जिसमें ग्राम सचिव के साथ मिलकर गड़बड़ी किए जाना सामने आया। शिकायतकर्ता ने जब अधिकारियों से शिकायत की तो मामले की जांच एसडीओ पंचायती राज को सौंपी गई। एसडीओ ने जांच में आरोपों को सही पाया। जिसके बाद सरपंच अनिल कुमार व ग्राम सचिव कृष्ण कुमार दोनों पर पर एक लाख 6 हजार 400 रुपये की रिकवरी डाली गई। नोटिस के बाद सरपंच ने अपने हिस्से की 53 हजार 200 रुपये की राशि आनन-फानन में बैंक में जमा करवा दी। लेकिन ग्राम सचिव ने नोटिस को ठेंगा दिखाते हुए राशि जमा नहीं करवाई। शिकायतकर्ता राजेश का आरोप है कि सरपंच ने ग्राम सचिव के साथ मिलकर गांव के विकास कार्याें में और भी काफी गड़बड़झाला किया है जिसकी जांच की जाए तो बड़ा घोटाला सामने आएगा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस मामले में बीडीपीओ वेदपाल सिंह व एसडीओ मुंशी राम जाखड़ ने जांच गहनता से नहीं की। शिकायतकर्ता ने कहा है कि वह यह मामला कष्ट निवारण समिति की बैठक में डालेगा।
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जब मैंने पंचायत का कार्यभार संभाला था तब पुराने सरपंच ने मुझे करीब 6 माह तक रिकॉर्ड नहीं दिया था। जो कार्य करवाए गए हैं उन पर हस्ताक्षर तो मेेरे ही हैं। ढाणियों में पाइप लाइन डालने के मामले में उन्हें व ग्राम सचिव दोनों पर एक लाख 6 हजार 400 रुपये की रिकवरी डाली गई थी। मैंने अपने हिस्से की रिकवरी जमा करवा दी थी। मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि मुझ पर कोई आरोप तय हुए हैं।
-अनिल कालवा, सरपंच रत्ताखेड़ा

ये मामला सीएम विंडो पर शिकायत का है। मामले की जांच एसडीओ पंचायती राज ने ही की थी। हां कुछ समय सरपंच व ग्राम सचिव पर रिकवरी डाली गई थी।
-सतपाल बिश्नोई, एसईपीओ डबवाली
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