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तीन करोड़ की ठगी व लूटपाट मामले में एसआईटी कोर्ट को सौंपेगी रिपोर्ट

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तीन करोड़ की ठगी और लूटपाट के मामले में एसआईटी कोर्ट को सौंपेगी रिपोर्ट
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जांच में आरोपियों के खिलाफ कई धाराएं केस में जोड़ी, हिसार एसपी के नेतृत्व में डीजीपी ने गठित की थी एसआईटी
सिरसा। गांव कोटली के एक व्यक्ति से लूटपाट व तीन करोड़ की ठगी मामले में पुलिस महानिदेशक द्वारा गठित एसआईटी आरोपियों से पूछताछ की रिपोर्ट दस जुलाई को हिसार एसआईटी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगभूषण गुप्ता की अदालत में पेश करेगी। हिसार एसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने केस में नामजद 15 आरोपियों को नोटिस जारी कर पूछताछ में शामिल होने का निर्देश दिया था। एसआईटी अधिकारी सब इंस्पेक्टर दयाराम के अगुवाई में एसआईटी के टीम ने आरोपियों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए। एसआईटी की रिपोर्ट में आरोपियों के खिलाफ जुर्म अपहरण, लूटपाट, जबरन नशीला पदार्थ देना, साजिश रचना व शस्त्र अधिनियम का पाया गया है। पहले डिंग थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 11 फरवरी 2018 को छीना झपटी का केस किया था। केस में नाम दर्ज लोगों में कोटली निवासी बलबीर सिंह सहित 15 आरोपी शामिल है।
जानकारी के अनुसार गांव कोटली निवासी रमेश कुमार ने कुछ लोगों के साथ मिलकर गांव में ही प्राची गैस कंपनी की एजेंसी ली थी। इसमें कई लोग पार्टनर थे। इन पार्टनरों ने रमेश कुमार से धोखाधड़ी करके तीन करोड़ रुपये हड़प लिए और 11 दिसंबर 2014 को बदमाश भेजकर रमेश कुमार का अपहरण करवा लिया। अपहरण करने में जिस गाड़ी का इस्तेमाल हुआ वह आरोपी सत्यनारायण व कोशी जोसन की थी। अपहरणकर्ता ने पिस्तौल के बल पर रमेश से खाली चेकों व कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए और जबरन नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया। रमेश को जब होश आया तो वह हिसार के एक प्राइवेट अस्पताल में था। हाईकोर्ट के निर्देश पर फतेहाबाद डीएसपी ने इस मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर डिंग थाना पुलिस ने तीन करोड़ की ठगी व लूटपाट करने के आरोप में कोटली निवासी बलबीर, सत्यनारायण, सुमित , दीपेश , दवित, आशीष, धर्मपाल, चरण सिंह, भारतीय एनर्जी वोटलिंग प्राइवेेट लि. कंपनी के कर्मचारी, अजय कुमार हैदराबाद, खालिद गाजियाबाद व प्रवीण कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया। रमेश कुमार ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर गुहार लगाई थी कि उसे सिरसा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भरोसा नहीं है। इसलिए अन्य जिले की पुलिस से मामलेे की जांच करवाई जाए। डीजीपी ने संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक हिसार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया।
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वर्जन
एसआईटी ने नामजद आरोपियों से पूछताछ की है। आरोपियों के खिलाफ धारा 395, 365, 328,120बी व शस्त्र अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। दस जून को अदालत में पूछताछ की रिपोर्ट पेश की जाएगी।
एसआई दयाराम, जांच अधिकारी, एसआईटी
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