अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। शहर के दयानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा केंद्र पर मंगलवार को हरियाणा ओपन स्कूल की बारहवीं की परीक्षा थी। परीक्षा के दौरान एक विद्यार्थी कृष्ण कुमार की जगह पर कोई और परीक्षा दे रहा था। बोर्ड के चेयरमैन फ्लाइंग ने उसे पकड़ लिया। फ्लाइंग टीम में अध्यापक गुरदीप सैनी, सहीराम और कृष्णा शामिल थीं।
बता दें कि फलाइंग ने परीक्षा दे रहे एक युवक का रोल नंबर चेक किया तो वह किसी और की जगह पर परीक्षा दे रहा था। फ्लाइंग ने उसे पकड़ लिया और यूएमसी बना दी। साथ ही नकल प्रोफार्मा पर लिख दिया कि फर्जी विद्यार्थी शीट छोड़कर भाग गया। फ्लाइंग ने फर्जी विद्यार्थी को गेट के पास भेज दिया। जब गेट पर ड्यूटी दे रहे हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार ने उसे रोका तो फ्लाइंग टीम ने कहा कि इसे जाने दो। इसके बाद चेयरमैन फ्लाइंग टीम के सदस्यों ने प्रफोर्मा को पढ़ा तो डिप्टी सुपरिंटेंडेंट कुलविंद्र कौर ने कहा कि युवक पर तो धोखाधड़ी का केस बनता है। आपने उसे छोड़ा क्यों। उन्होंने इंस्पेक्शन रिपोर्ट और नकल प्रफोर्मा पर साइन करने से इंकार कर दिया। फ्लाइंग टीम ने कहा कि वे ऐसे ही केस बनाते हैं।
स्टाफ ने भी नहीं किए साइन
डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के विरोध को देखते हुए केंद्र परीक्षा अधीक्षक बलवंत राय और बाकी स्टाफ ने भी हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। फर्जी विद्यार्थी को भगाने पर सेंटर में हंगामा हो गया। ड्यूटी दे रहे हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार को पता चला कि जिस युवक को उसे जाने देने के लिए कहा गया था वह दूसरे की जगह पर परीक्षा दे रहा था। उसने भी जब इस बात का विरोध किया। हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार ने फ्लाइंग से कहा कि आपने रिकार्ड में युवक को भागता हुआ दिखा दिया। जबकि स्कूल को गेट ही एक है। ऐसे में उसकी ड्यूटी पर प्रश्न चिन्ह लगेगा। हेड कांस्टेबल ने अपने विभाग के आला अधिकारियों को पूरे मामले की सूचना दी।
मैं गेट पर खड़ा था। तभी एक युवक मेरे पास आया। फ्लाइंग टीम ने कहा कि इसे जाने दो। मैंने उनसे पूछा कि इसे जाने दूं, उन्होंने कहा कि हां जाने दो। इसलिए मैंने जाने दिया। मुझे तो बाद में पता चला कि वह फर्जी परीक्षार्थी था जो कि दूसरे की जगह पर परीक्षा दे रहा था। मैंने बाद में इसका विरोध किया।
- सुरेश कुमार, ड्यूटी पर नियुक्त हेड कांस्टेबल।
फ्लाइंग टीम अंदर से छात्र को बाहर लेकर आई। हमें पता चल गया कि इसके पास कुछ नकल सामग्री मिली है। फ्लाइंग टीम ने कहा कि इस पर यूएमसी केस बना दिया गया है। साथ ही लिख दिया कि छात्र शीट छोड़कर भाग गया। लेकिन हमने कहा कि युवक शीट छोड़कर भागा कैसे? फ्लाइंग टीम ने कहा कि हम तो ऐसे ही केस बनाते हैं। यूएमसी के लिए स्टाफ भी गवाह होता है। लेकिन किसी ने भी विटनेस बनने से इंकार कर दिया। कांस्टेबल ने यह बात सुन ली। उसने भी इस बात का विरोध किया। हमने यूएमसी बनाकर भेज दी है।
- बलवंत राय, परीक्षा केंद्र अधीक्षक।
फ्लाइंग टीम ने युवक को दूसरे की जगह पर परीक्षा देते हुए पकड़ा था। यूएमसी केस ऐसे ही बनाए जाते हैं। हमने इस संबंध में बोर्ड के चेयरमैन को सूचित कर दिया है। फर्जी युवक परीक्षा देते हुए पकड़ा जाता है तो ये केस यूएमसी का होता है। धोखाधड़ी का केस पुलिस बनाती है। बेवजह बात का बवंडर बनाया गया है।
- गुरदीप सैनी, सदस्य, बोर्ड चेयरमैन फ्लाइंग।
हस्ताक्षर भी अलग अलग
युवक की रोल नंबर स्लिप पर कृष्ण कुमार नाम अंकित है। जबकि आंसर शीट पर कहीं उसने हस्ताक्षर कृष्ण सिंह के नाम से किए हैं। रोल नंबर स्लिप को ओढ़ा सीएचसी से अटेस्टड किया हुआ है।
कुल पांच केस बने मंगलवार को
बोर्ड की परीक्षा में सिरसा में मंगलवार को कुल पांच केस यूएमसी केस बने। एक केस जय श्री हाई स्कूल परीक्षा केंद्र, एक दयानंद हाई स्कूल और तीन केस मॉडल सीनियर संस्कृति स्कूल में बनाया गया।