डीसी ने दर्ज किए प्रोफेसरों के बयान
सिरसा। डीसी ने बुधवार को सीडीएलयू के करीब 16 प्रोफेसरों को अपने कार्यालय में बुलाया। उन्होंने प्रोफेसरों से सामूहिक त्यागपत्र देने और परीक्षा नियंत्रक प्रवीण अगमकर की मौत के मामले में जानकारी हासिल की और सभी को लिखित में अपनी स्टेटमेंट देने के लिए कहा। उन्हें एक सप्ताह में इंक्वायरी करने अपनी रिपोर्ट हायर एजुकेशन विभाग को सौंपनी है।
करीब ढाई बजे सीडीएलयू के प्रोफेसर डीसी कार्यालय पहुंचे। डीसी ने एनआईसी सेंटर में उनसे पहले परीक्षा नियंत्रक प्रवीण अगमकर की मौत के कारणों, शैक्षणिक माहौल और सामूहिक इस्तीफे के कारणों के बारे में पूछा। अधिकतर ने वीसी के खिलाफ ही बयान दिए और कहा कि वे निष्पक्ष इंक्वायरी चाहते हैं। इसके बाद डीसी ने सभी प्रोफेसर को लिखित में अपनी स्टेटमेंट देने के कहा। करीब 15 प्रोफेसर ने लिखित में स्टेटमेंट दी। डीसी के पास पहुंचने वाले प्रोफेसरों में विक्रम सिंह, अमित सांगवान, दिलबाग सिंह, सुशील कुमार, अभय गोदारा, शैलतेंद्र हुडा, ईश्वर मलिक, जे एस जाखड़, पंकज शर्मा, रविंद्रपाल अहलावत, एसके गहलावत, राजवीर दलाल, डीपी वार्ने, राजेश मलिक, राम मेहर आर्य शामिल थे। करीब सवा तीन बजे के बाद सभी एक, एक करके डीसी कार्यालय से बाहर निकले।
बता दे कि सीडीएलयू में चार जुलाई को परीक्षा नियंत्रक प्रवीण अगमकर ने अपने सरकारी क्वार्टर में सुसाइड कर लिया था। प्राध्यापकों के आरोप है कि वीसी विजय कायत द्वारा परीक्षा नियंत्रक को मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा था। दोपहर को वीसी कार्यालय में हंगामा हुआ और शाम को करीब 15 प्रोफेसर ने अपने एडिशनल चार्ज से सामूहिक इस्तीफे दे दिए थे। प्राध्यापकों ने प्रोफेसर प्रवीण अगमकर के सुसाइड मामले की निष्पक्ष जांच करवाने के लिए सीएम, राज्यपाल हरियाणा और हायर एजुकेशन विभाग को पत्र लिखे। हायर एजुकेशन विभाग ने सिरसा के डीसी प्रभजोत सिंह को इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और सामूहिक इस्तीफे के कारण जानने के लिए इंक्वायरी दी है।
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