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वाइट हेट था प्रोफेसर प्रवीण अगमकर की पहचान, 2007 में सीडीएलयू किया था ज्वाइन

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व्हाइट हैट था प्रोफेसर प्रवीण अगमकर की पहचान, 2007 में सीडीएलयू किया था ज्वाइन
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। सीडीएलयू के प्रोफेसर व परीक्षा नियंत्रक प्रवीण अगमकर हमेशा सिर पर व्हाइट हैट पहनते थे। यही व्हाइट हैट उनकी पहचान थी। बिना हैट के वे कभी सीडीएलयू नहीं आए और बुधवार को यही व्हाइट हैट उनके घर में बाथरूम के साथ छोटे टेबल पर पड़ा था। छोटे कद के प्रोफेसर मृदुभाषी थे। विश्वविद्यालय की किसी भी गुटबाजी में शामिल नहीं थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी सुता और बेटी ईवा है। प्रोफेसर एसके गहलावत का कहना है कि वे फिजिक्स के प्रोफेसर होने के कारण नैनो टेक्नोलॉजी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइंटिस्ट थे। इस क्षेत्र में उन्हें विशेषता हासिल थी। उनकी कई रिसर्च पब्लिश हुई हैं। 2007 में सीडीएलयू में बतौर प्रोफेसर आए। इससे पहले वे हिसार के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर थे। पिछले करीब दस सालों से वे सीडीएलयू का परीक्षा नियंत्रक का कार्यभार संभाल रहे थे। एसके गहलावत का कहना है कि वे विश्वविद्यालय के हर प्रोफेसर से यहीं बात कहते कि परीक्षा नियंत्रक के पद से छुटकारा दिलवाओ दो।
हमेशा अपने कार्यालय में रखते थे गुड़ और चना
प्रोफेसर प्रवीण अगमकर विश्वविद्यालय में अपने कार्यालय में हमेशा गुड़ और चना रखते थे। वे भुने हुए चने के शौकीन थे और आने वाले अतिथियों को भी भुने चने और गुड़ खिलाते थे। वे क्रिश्चियन कम्युनिटी से थे। असिस्टेंट प्रोफेसर सुल्तान ढांडा ने बताया कि वे इतने मृदुभाषी थे कि यदि कोई उन्हें कुछ कह भी जाता तो भी वो कभी नाराज नहीं होते थे। सुबह उनकी मौत की बात सुनकर यकीन नहीं हुआ कि इतना मिलनसार व्यक्ति भी ऐसा कदम उठा सकता है। उनका प्रयास था कि समय पर रिजल्ट निकले, ताकि विद्यार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। बुधवार उनके सुसाइड की खबर सुनकर पूरे विश्वविद्यालय का माहौल गमगीन हो गया। प्रोफेसर प्रवीण अगमकर के आकस्मिक मौत के कारण हर कर्मचारी की आंखों में आंसू थे। पूरे विश्वविद्यालय में सुबह से काम बंद था। उनकी ब्रांच के कर्मचारियों ने उनकी मौत की खबर सुनते ही ब्रांच को ताला लगा दिया था।
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दो साल पहले वापसी के लिए गुरु जंभेश्वर में किया था आवेदन
जानकारी अनुसार प्रोफेसर प्रवीण अगमकर ने दो साल पहले गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार में निकली परीक्षा नियंत्रक के पद के लिए भी आवेदन किया था। तब उन्होंने कुछ प्रोफेसर के सामने इच्छा भी जाहिर की थी कि वे सीडीएलयू से जाना चाहते हैं।
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