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कार व स्कूली बस की भिड़ंत, बाल-बाल बचे बस में सवार दर्जनों स्कूली बच्चे

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अमर उजाला ब्यूरो
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कालांवाली। डबवाली-रोड़ी रोड पर पेट्रोल पंप के नजदीक पुराने थाना रोड वाले मोड़ पर मंगलवार को शहर से माता हरकी देवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ओढ़ां की बस ने डबवाली की तरफ से फग्गू जा रही कार को सामने से टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के दौरान स्कूली बस में करीब तीन दर्जन बच्चे सवार थे। गनीमत रही की स्कूली बस पलटी नहीं, जिससे बस में सवार दर्जनों बच्चे बाल-बाल बच गए। जबकि कार चालक आंशिक रूप से गंभीर घायल हो गया। घटना में कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि स्कूली बस को भी थोड़ा सा नुकसान पहुंचा है। जानकारी अनुसार माता हरकी देवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ओढ़ां की बस बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। इस दौरान स्कूली बस ने पुराना थाना रोड से मोड़ मुड़ते समय गांव पिपली से सीधी फग्गू जा रही कार को जबरदस्त टक्कर मार दी। इससे कार सवार व्यक्ति सुरेंद्र शर्मा, जोकि फग्गू स्थित एसबीआई बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। चोटिल हो गया। जिसे शहर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। स्कूली बस व कार की भिड़ंत के बाद आसपास के दर्जनों लोग मौके की ओर दौड़ पड़े और बच्चों की कुशलता की जानकारी ली। घटना के बाद दो और बसें मंगवाकर स्कूली बच्चों को स्कूल ले जाया गया। हादसे के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया, जिस कारण पुलिस के पास कोई शिकायत नहीं की गई।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्कूल बस की गलती के कारण ही उक्त हादसा हुआ है। माता हरकी देवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ओढ़ां की बस बिल्कुल कंडम हालत में है। घटना के दौरान भी बस में न ही कोई कैमरा था और न ही फस्ट एंड बॉक्स और अग्नि शमन यंत्र की सुविधा थी। हालांकि हाईकोर्ट के अनुसार स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे, चालक के पास वैध लाइसेंस तथा वाहन के सभी आवश्यक कागजात, वाहन में फस्ट-ऐड किट, अग्नि सुरक्षा प्रबंध तथा प्रत्येक वाहन में चालक-परिचालक के अतिरिक्त एक पुरुष व एक महिला अटेंडेंट होना अनिवार्य है। लेकिन उपमंडल में संचालित निजी स्कूलों के अधिकांश वाहन बिना मापदंड और परमिट के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। साथ ही चालक भी बगैर प्रशिक्षण के स्कूल वाहनों को चला रहे हैं। इससे बच्चों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा हैै। आए दिन हो रहे हादसों के बाद भी न तो उपमंडल में स्कूली वाहनों से हो रहे हादसों को रोकने के लिए प्रशासन सजग है और न ही स्कूल प्रबंधन।
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