सांगवान चौक स्थित डॉ. भंवर अस्पताल में डॉ. भंवर सिंह द्वारा एक महिला के उपचार में बरती गई लापरवाही से रोषित होकर मृतक महिला के परिजनों ने सुबह अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। मामले की सूचना पाकर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और मामले को सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन कार्रवाई पर अड़े रहे। दोपहर को मृतका के भांजे का बयान दर्ज कर शहर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
मृतका कुलविंद्र कौर के भांजे अजय रंधावा ने बताया कि दो दिन पहले वे महिला कुलवंत कौर को लेकर अस्पताल आए थे। महिला का कुछ समय पूर्व आपरेशन हुआ था और महिला के पेट में दर्द हो रहा था। डॉ. भंवर ने महिला के आंत में सूजन का तर्क देते हुए मुंह में नली डाली दी, जिससे महिला के आपरेशन के टांके खुल गए व आंत बाहर आ गई। अजय रंधावा ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि अस्पताल की ओर से सही ढंग से उपचार नहीं किया गया और महिला कुलवंत कौर को ले जाने को कहा गया। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि वह उनके टेस्ट की रिपोर्ट के पैसे जमा करवा दें और अपने मरीज को ले जाएं। जिस पर परिजनों ने कहा कि वह अगले दिन सुबह ही पैसे दे जाएंगे। लेकिन अस्पताल प्रशासन इस पर अड़ा रहा कि वह जब तक पैसे नहीं देते तब तक उनको मरीज की रिपोर्ट नहीं मिलेगी और उन्हें अस्पताल से नहीं जाने दिया जाएगा। परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि महज 2400 रुपये के लिए स्टाफ ने महिला को ले जाने नहीं दिया। जिसको लेकर रात के समय में ही अस्पताल में हंगामा हो गया। वहीं मृतका के परिजनों ने एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, जिसमें अस्पताल स्टाफ ने साफ कहा कि वह पैसे दिए बगैर अस्पताल से नहीं जा सकते। जिसको लेकर अस्पताल में परिजनों ने हंगामा कर दिया, काफी प्रयास करने के बाद महिला को अन्य अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती करवाया गया, जहां उसकी सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे मौत हो गई।
पुलिस ने डॉक्टर तथा अस्पताल स्टाफ की हरकत को बताया शर्मनाक
महिला की मौत के बाद परिजन डॉ. भंवर के अस्पताल में पहुंचे और नारेबाजी करनी शुरू कर दी। घटना की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाने से पुलिसकर्मी पहुंचे। परिजन अजय ने बताया कि पुलिसकर्मी दोनों तरफ से मामला शांत करवाने को कहने लगे। वहीं परिजनों ने पुलिस को वह वीडियो भी दिखाई, जिसमें अस्पताल स्टाफ ने पैसे न देने पर जांच रिपोर्ट देने तथा मरीज को जाने से मना कर दिया। परिजनों ने बताया कि इस पर पुलिसकर्मियों ने डॉक्टर भंवर से जवाब मांगा तो उन्होंने बताया कि हमसे गलती हुई है और हमने उन्हें पैसे के लिए रोका है। पुलिसकर्मियों ने डॉक्टर को झिड़कते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में अस्पताल प्रशासन को मरीज का साथ देना चाहिए। लेकिन यहां पर रात को ऐसा नहीं हुआ। पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन एक ही बात पर अड़े रहे कि डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई हो। जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर आकर नारेबाजी करने लगे।
14 दिन पहले महिला का हुआ था आपरेशन
डॉ. हरमन सिंह रंधावा ने बताया कि बीते 14 दिन पहले उन्होंने महिला का आपरेशन किया था। महिला की पीत्त की थैली में पत्थरी थी उसी का आपरेशन हुआ था और टांके भी उसी को लेकर लगाए गए थे। मेरे पास परिजन रात को लेकर आए थे। मरीज को भर्ती करने के साथ ही हमने इलाज शुरू कर दिया था।
डॉक्टर ने मानी स्टाफ की गलती
महिला उपचार के लिए मेरे पास आई थी। महिला के आंत में गांठ थी। उपचार के दौरान महिला के टांके खुलने लग गए, लेकिन टांके मैं नहीं लगाता। मैंने उपचार में कोई कोताही नहीं बरती है। स्टाफ ने बोला होगा कि रिपोर्ट आप पैसे देकर बाद में ले जाना, ये स्टाफ की गलती है। मैं उस समय अस्पताल में मौजूद नहीं था।
-डॉ. भंवर सिंह, अस्पताल संचालक
मृतका के भांजे जयदीप सिंह रंधावा के बयान पर डॉक्टर भंवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
-एसआई सत्यवान, एसएचओ शहर थाना सिरसा।