घर से भागकर शादी करने पर अमनदीप कौर की हत्या करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. चंद्रहास की अदालत ने शुक्रवार को सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। दड़बी में 2 अक्टूबर, 2014 को हुए अमनदीप हत्याकांड के सातों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी किया। जुर्माना न भरने पर उन्हें 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। वहीं चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए अदालत ने उन्हें अंडरगोन कर दिया। अर्थात उन्होंने अब तक जेल में जितनी भी सजा काटी, उसे अदालत ने समायोजित करते हुए उनपर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना किया।
आन के लिए हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाने वालों में मृतका अमनदीप कौर का चाचा जगतार सिंह, सगा भाई कर्ण, रिश्तेदार बूटा सिंह, चाचा मुख्यतार सिंह, चचेरा भाई विकास, रिश्तेदार प्रिंस रानी और बुआ बलबीर कौर शामिल हैं। जबकि अपहरण, साजिश रचने व मारपीट के मामले में अदालत ने रिश्तेदार बिमला रानी, चाची रानी देवी, ताई बलजिंद्र कौर और बड़े भाई हरदीप को अंडरगोन कर दिया। शिकायत के मुताबिक अमनदीप ने अपने घर से भागकर पड़ोसी मनजीत सिंह के साथ कोर्ट मैरिज की थी। इसलिए दोषियों ने दो अक्टूबर, 2014 को अमनदीप कौर की हत्या कर दी थी। अभियोजन पक्ष के वकील सुमित सोनी ने बताया कि बीती 7 सितंबर को कोर्ट ने इस मामले में सात आरोपियों को बरी ने कर दिया था, जबकि मृतका का पिता रामसिंह अभी भगोड़ा घोषित है।
ये था मामला
गांव दड़बी निवासी युवक मनमीत सिंह ने युवती अमनदीप कौर के साथ 10 अगस्त 2014 को घर से भागकर कोर्ट मैरिज कर ली थी। इसके बाद वे पंजाब स्थित टिब्बी में अपने रिश्तेदार के पास रहने लगे। 15 अगस्त 2014 को नवविवाहित प्रेमी जोड़ा तत्कालीन सिरसा पुलिस अधीक्षक से मिला, जहां से उन्हें 22 अगस्त तक पुलिस सुरक्षा मिल गई। इसकी सीमा समाप्त होने के बाद मनमीत सिंह पत्नी अमनदीप कौर के साथ अपने घर दड़बी में रहने लगा। 30 सितंबर को मनमीत सिंह अपनी पत्नी को बाइक पर बैठाकर गांव भावदीन में रहने वाली बुआ के घर जा रहा था कि रास्ते में अमनदीप कौर के परिजनों ने उन्हें घेर लिया। मनमीत सिंह के मुताबिक उसकी पत्नी के परिजनों व अन्य रिश्तेदारों ने उन पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया और अमनदीप को उठाकर ले गए। मनमीत सिंह ने सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार करवाने के बाद पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी। तब पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट व अपहरण का केस दर्ज कर लिया था। गांव भरोखा के खेत में 2 अक्टूबर 2014 को खून से लथपथ अमनदीप कौर का शव मिला था।
22 आरोपियों में तीन नाबालिग भी थे
डिंग थाना पुलिस ने मनमीत सिंह की शिकायत पर युवती के परिजनों सहित 22 आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। इनमें से तीन नाबालिग आरोपियों के खिलाफ जुवेनाइल कोर्ट में मुकदमा चला था, जिसमें एक को दो साल पहले तीन साल की सजा हुई थी, जबकि दो नाबालिग को रिहा कर दिया गया।
दोषियों को फांसी की सजा दिलाने के लिए हाईकोर्ट में करूंगा अपील : मनमीत
अमनदीप हत्याकांड में दोषियों को सजा मिलने के बाद उसके पति मनमीत सिंह ने कहा कि अदालत द्वारा दोषियों को उम्रकैद की सुजा सुनाई गई है, हालांकि वह दोषियों के लिए फांसी की सजा की उम्मीद करता था। वह पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में इसके लिए अपील करेगा। उसने कहा कि अंडरगोन किए चारों दोषियों को भी फांसी की सजा हो। मनमीत सिंह ने बताया कि उसकी शादी के 50 दिनों के बाद ही अमनदीप के परिजनों व रिश्तेदारों ने उसकी हत्या कर दी थी। तब से लेकर अब तक वह लगातार केस की सुनवाई पर आ रहा है।