सिरसा। जेसीडी विद्यापीठ स्थित जेसीडी मेमोरियल कॉलेज में संस्कार भारती और केएल थिएटर प्रोडक्शन की ओर से पांच दिवसीय थिएटर और फिल्म कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक प्रो. डॉ. जयप्रकाश ने इसका शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों के रचनात्मक कौशल को निखारने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करतीं हैं। यह उन्हें आत्माभिव्यक्ति, टीमवर्क और नेतृत्व कौशल भी सिखाती हैं। थिएटर और फिल्म निर्माण जैसे कला रूप विद्यार्थियों को अनुशासन, समर्पण सिखाने, उनमें आत्मविश्वास और रचनात्मकता का विकास करते हैं।
डॉ. जय प्रकाश ने यह बताया कि थिएटर और फिल्म का ज्ञान केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव लाने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे इस कार्यशाला का पूरा लाभ उठाएं। अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानें और उसे निखारें। प्राचार्या डॉ. शिखा गोयल ने केएल थिएटर प्रोडक्शन के डायरेक्टर करण लढ़ा और उनकी टीम का स्वागत किया। इस कार्यशाला का संयोजन जेसीडी कॉलेज के प्राध्यापक डॉ. मलकीत सिंह और प्रवीण शर्मा की देखरेख में किया जा रहा है।
सीएमके महाविद्यालय में लगाई हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी
सिरसा। गृहविज्ञान विभाग की ओर से सीएमके नेशनल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में दो दिवसीय प्रदर्शनी आयोजित की गई। हस्तनिर्मित उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए इसका शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्या डॉ. रंजना ग्रोवर ने किया।
विभागाध्यक्ष डॉ. अनु कथूरिया ने बताया कि एनकरेज वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव रमेश कुमार सैनी के नेतृत्व में उनकी टीम की सदस्य कोमल और राजविंदर कौर ने हस्तशिल्पियों और बुनकरों के विभिन्न उत्पाद दिखाए। महिला समूहों की ओर से तैयार सुहाग का सामान और लड्डू गोपाल का शृंगार आदि का सामान भी किफायती दरों पर उपलब्ध कराया गया।
सैनी ने बताया कि अपनी रचनात्मकता से कारीगर मोमबत्ती, चूड़ियां, कपड़े, रंगबिरंगी मोहक आकृतियों से सजे दीये और अन्य रचनात्मक उत्पाद बनाते हैं, जो किफायती दामों पर बेचे जाते हैं। इस प्रदर्शनी से उत्साहित में स्टाफ के सदस्यों और विद्यार्थियों ने हस्तनिर्मित उत्पाद खरीदे।