जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही ऑक्सीजन का संकट गहराने लगा है। अचानक ऑक्सीजन की कमी के चलते स्वास्थ्य विभाग के साथ ही निजी अस्पतालों के चिकित्सक भी परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग ने उपायुक्त से ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने की मांग की है। हालांकि अचानक ऑक्सीजन की किल्लत पर अधिकारी कोई टिप्पणी नहीं कर रहे लेकिन माना जा रहा है कि इस समय जिले में 8 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की डिमांड है जबकि महज 3.5 मीट्रिक टन ही आपूर्ति हो रही है। वैसे ज्वाला गैस एजेंसी पर आक्सीजन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। सात दिनों बाद वहां से भी जिले को ऑक्सीजन की आपूर्ति संभव होगी।
वैसे शनिवार की सुबह दो टन ऑक्सीजन की जिले में आपूर्ति हुई। अस्पतालों में पर्ची के आधार पर ये ऑक्सीजन बांटी गई। हालात बिगड़ने पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए ) की स्थानीय इकाई ने उपायुक्त को इस संबंध में सूचित किया। उपायुक्त प्रदीप कुमार ने हिसार स्थित ऑक्सीजन आपूर्ति एजेंसी से बात की। इसके बाद दोपहर तीन बजे हिसार से 118 सिलिंडर ऑक्सीजन पहुंची। इस तरह शनिवार को करीब सवा तीन मीट्रिक टन ऑक्सीजन मुहैया कराई गई। जबकि जिले का दैनिक ऑक्सीजन कोटा 8 मीट्रिक टन का है।
मां के लिए ऑक्सीजन तलाशती रही महिला
डबवाली रोड स्थित ऑक्सीजन गैस एजेंसी पर शहर की महिला जोगिंद्र कौर भी पहुंची। उन्होंने बताया कि उसकी बीमार मां डिंग के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल है। उनको ऑक्सीजन की जरूरत है परंतु उसे ऑक्सीजन नहीं मिली। ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारियों ने उसे शहर के अस्पताल में मां को दाखिल कराने पर ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की जानकारी दी। ऐसे में जोगिंद्र कौर को ऑक्सीजन नहीं मिली।
ऑक्सीजन संकट पर डीसी ने की बैठक
उपायुक्त प्रदीप कुमार और एसपी भूपेंद्र सिंह ने शनिवार को सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग की। मीटिंग में सीएमओ डॉ. मनीष बांसल ने उपायुक्त के समक्ष ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। सीएमओ ने बताया कि सिरसा में जितनी ऑक्सीजन की खपत मौजूदा समय में हो रही है, उससे दोगुनी डिमांड है, इसलिए ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाया जाए। उपायुक्त ने सरकार से ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने के लिए पत्राचार करने का फैसला लिया।
रेमडेसीविर इंजेक्शन की मांग बढ़ी
अस्पतालों में दाखिल मरीजों की स्थिति खराब होने के बाद डॉक्टर रेमडेसीविर इंजेक्शन की मांग कर रहे हैं। नागरिक अस्पताल में रेमडेसीविर इंजेक्शन लेने के लिए पहुंचे व्री गुप्ता ने बताया कि उनके चाचा और चाची निजी अस्पताल में दाखिल है। डॉक्टर कभी ऑक्सीजन सिलिंडर लाने की बात कहते हैं तो कभी रेमडेसीविर इंजेक्शन। गैस एजेंसी और अन्य स्थानों पर चक्कर काटने के बाद भी ऑक्सीजन सिलिंडर का प्रबंध नहीं हो पाया। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद जब नागरिक अस्पताल में रेमडेसीविर इंजेक्शन लेने के लिए पहुंचा तो कर्मचारियों ने भी बहस करनी शुरू कर दी और इंजेक्शन न होने की बात कहीं। जबकि सरकार घरों तक इंजेक्शन पहुंचाने की बात कर रही है। वहीं उन्होंने बताया कि इसके इससे पहले भी वह 15-15 हजार का रेमडेसीविर इंजेक्शन खरीद अपने चाचा और चाची को लगवा चुके हैं लेकिन अब फिर इंजेक्शन की मांग डॉक्टरों की ओर से की जा रही है।
शहर में ज्वाला गैस एजेंसी में वातावरण से ऑक्सीजन तैयार करने के लिए एक प्लांट लगाया जा रहा है। आने वाले कुछ दिनों में प्लांट तैयार हो जाएगा, जिससे कि ऑक्सीजन किल्लत को दूर किया जा सकेगा।
- प्रदीप कुमार, उपायुक्त सिरसा।