नकली करंसी तैयार करने व बेचने पर एडीजे डॉ. चंद्र हास की अदालत ने शुक्रवार को दो आरोपियों को तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही उन्हें चार हजार रुपये जुर्माना किया है। दोषी विनोद कुमार निवासी नेजाडेला कलां व बलवंत निवासी झोपड़ा है। दोनों ने करीब 50 हजार रुपये के नकली नोट तैयार करके बाजार में चलाए थे।
जानकारी अनुसार 12 जून 2018 को सिरसा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि शहर के चतरगढ़ पट्टी के एक मकान में नकली करंसी तैयार की जाती है। यह मकान बलवंत का है। सूचना के आधार पर पुलिस ने चतरगढ़ पट्टी में बलवंत के घर पर रेड की। घर का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस के दरवाजा खटखटाने पर एक लड़के ने दरवाजा खोला और उसने खुद को मकान का मालिक बलवंत बताया। पुलिस ने जब घर के एक कमरे की तलाशी ली तो उसमें सामने कुर्सी पर बैठा विनोद कंप्यूटर व प्रिंटर पर नकली नोट तैयार कर रहा था। पुलिस ने घटनास्थल से कुल 54 पेज बरामद किए। मेज की दरार खोलकर चेक की तो 100, 100 के नकली नोट, कुल 40 हजार रुपये की नकली करंसी बरामद की। मौके से एक प्रिंटर, की बोर्ड, माउस, पावर केबल, एक यूएसबी चार्जर, एक पैकेट सफेद कागज बरामद किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने करीब 50 हजार रुपये के नकली नोट बाजार में चलाने के लिए अमरजीत निवासी बिहार, हालिया निवासी सिरसा को दिए हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ नकली करंसी बनाने व चलाने का मामला दर्ज किया। लेकिन मामले में संलिप्त अमरजीत निवासी बिहार पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया। मामले में दोनों आरोपियों को शुक्रवार को एडीजे डॉ. चंद्रहास की अदालत ने दोषी ठहराया और तीन साल की सजा सुनाई।