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Sirsa News: टेंडरों की अनियमितताओं को लेकर पार्षद ने लगाई गुहार, मुख्यमंत्री ने डीसी को लगाई फटकार

Fri, 19 Jun 2026 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा में मुख्यमंत्री से मुलाकात करते पार्षद।
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सिरसा। शहर में नगर परिषद के टेंडरों की अनियमितताओं को लेकर भाजपा पार्षदों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से जांच की गुहार लगाई। पार्षदों ने कहा कि टेंडरों में चेयरमैन से अधिकारियों की ओर से बंदरबांट की जा रही हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने डीसी को फटकार लगाई और इस मुद्दे पर उपायुक्त को जांच के आदेश दिए।
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पार्षदों ने कहा कि माइंस 20 प्रतिशत तक टेंडर लेने की इच्छुक फर्मों को कैंसिल कर प्लस में 5 से 10 प्रतिशत तक टेंडर दिए जा रहे हैं। विकास कार्यों को लेकर कई बार उपायुक्त से भी मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ हैं। इस पर मुख्यमंत्री नाराज हो गए और उन्होंने उपायुक्त को फटकार लगाते हुए कहा कि आपने अपने स्तर पर जांच क्यों नहीं की। साथ ही उन्होंने कहा कि आप इस मामले में स्वयं जांच कर रिपोर्ट दें।

बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से वीरवार रात को भाजपा के पार्षदों ने मुलाकात की। इस दौरान विकास कार्यों में अनदेखी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे पार्षदों ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। इतना ही नहीं, पार्षद दीपक बंसल को नोटिस जारी करने को लेकर पार्षदों ने अपने नाराजगी मुख्यमंत्री के सामने जाहिर की।
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मुख्यमंत्री के समक्ष पार्षद अनु मल्होत्रा, मुकेश कुमार, दीपक बांसल आदि नगर पार्षदों एवं पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक में नगर परिषद प्रधान के कार्यों को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई। मुख्यमंत्री को पार्षदों ने बताया कि टेंडर को लेकर बड़े स्तर पर खेल किया जा रहा है। अपने निजी व राजनीतिक लोगों के करीबियों को टेंडर देने का खेल चल रहा है।

चेयरमैन के बेटे के हस्तक्षेप को लेकर मुख्यमंत्री को बताई सच्चाई
सूत्रों के अनुसार वीरवार रात को मुख्यमंत्री के साथ संगठन की बैठक बुलाई गई थी। इस दौरान भाजपा के कुछ पार्षदों को सूचना नहीं दी गई। इतना ही नहीं, उपायुक्त ने भी उन्हें मुख्यमंत्री से मुलाकात के समय नहीं दिया। इसी से नाराज पार्षद रात को संगठन की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री से मिलने पहुंच गए। इस पर पार्षदों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें संगठन की बैठक को लेकर कोई मैसेज चेयरमैन की ओर से नहीं दिया गया था। इस कारण वे बैठक में नहीं आए। भाजपा के पार्षदों के साथ लंबे समय से भेदभाव किया जा रहा है। इस पर जिलाध्यक्ष से लेकर अन्य भाजपा नेताओं ने भी सहमति जताई। इतना ही नहीं, पार्षदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर परिषद में चेयरमैन के बेटे का सबसे ज्यादा हस्तक्षेप रहता है। वह कहता है कि जब तक कांडा हाउस में हाजिरी नहीं लगाओगे, आपके काम नहीं होंगे। आपको हमारे यहां और वहां पर दोनों जगह हाजिरी लगानी होगी। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। मामला बिगड़ता और विरोध में आता देख चेयरमैन पहले ही वहां से चले गए थे। इसके बाद उपायुक्त को पार्षदों को सुबह के समय मिलने का समय देने के मुख्यमंत्री ने आदेश दिए।

ताऊ देवीलाल टाउनशिप में प्रधान और अधिकारियों के प्लाॅट खरीदने का मुद्दा उठाया
भाजपा पार्षदों ने बेगू रोड स्थित ताऊ देवी लाल टाउनशिप में नगर परिषद चेयरमैन और अधिकारियों के कथित रूप से बड़ी संख्या में प्लॉट खरीदने के मामले की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अपने सबूत पेश करें यदि ऐसा हुआ तो कार्रवाई होगी।
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