मंडी में कुछ दिनों से धान की खरीद सही ढंग से न होने से परेशान किसानों ने कुछ समय के लिए मंडी के गेट बंद कर मार्केट कमेटी के समक्ष विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
नरमा फैक्ट्री संचालकों की हड़ताल होने से नरमा की बोली न होने पर आढ़तियों ने भी रोष जताया। किसान नेता गुरदास सिंह व मनदीप सिंह ने बताया कि किसान अपने धान की फसल लेकर काफी दिनों से मंडी में बैठे हैं। लेकिन खरीद एजेंसी की मनमानी के कारण उनकी फसल मिट्टी में मिल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी धान में नमी ज्यादा बताकर खरीदने से मना कर देते हैं, जिस कारण किसानों को अपनी फसल कम भाव में निजी शैलर संचालकों को बेचनी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से निजी शैलर मालिक वही धान सरकारी एजेंसियों को सरकारी रेट पर बेच रहे हैं ऐसे में किसानों को लूटा जा रहा है वहीं सरकार को चूना लगाया जा रहा है।
वहीं दूसरी तरफ आढ़ती हरीश कुमार, सुरेंद्र नेहरू, विनोद मित्तल, सुरेश सिंगला आदि ने कहा कि फैक्ट्री संचालकों की हड़ताल होने के कारण मंडी में नरमा की बोली नहीं हो रही जिस कारण आढ़ती ही नहीं किसान व मजदूर सभी परेशान है।
उन्होंने कहा कि इन दिनों त्यौहारों के दिन होने के कारण हर किसी को रुपयों कर जरूरत है ऐसे में फसल न बिकने कारण उनका धंधा चौपट होकर रह गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों की नरमा की फसल पहले ही कमजोर है ऐसे में जो फसल हुई है वह भी बिक नहीं रही। आढ़तियों ने चेतावनी दी कि अगर सोमवार तक नरमा की बोली शुरू नहीं हुई तो आढ़ती मार्केट कमेटी के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे।