प्रदेश के सीएम और वित्तमंत्री के आश्वासन के बाद प्रदेश में कॉटन जिनर्स एसोसिएशन ने हड़ताल वापस ले ली है। सोमवार से मंडी में नरमा-कपास की बोली अब नियमित रूप से हो सकेेगी।
बता दें कि वैट रिफंड करने और कपास पर वैट 4.2 प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने की मांग को लेकर प्रदेश में 144 कपास उद्योग 24 अक्तूबर से हड़ताल पर थे। हरियाणा कॉटन जिनर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष सुशील मित्तल व हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ रविवार को हिसार में वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यू से मुलाकात की।
लगभग एक घंटे तक चली लंबी बातचीत में कॉटन जिनर्स कारोबार पर चल रहे संकट को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि वित्तमंत्री ने मुख्यमंत्री से बातचीत कर एसोसिएशन को आश्वासन दिया है कि प्रदेश सरकार की ओर से सात सितंबर को रिफंड न देने की जो अधिसूचना जारी की थी उसे एक-दो दिन में वापस ले लिया जाएगा।
शेष दो मुद्दों नरमा-कपास पर वैट घटाने व कपास जिनिंग से जुटे उद्योगपतियों को लाइसेंस देने आदि से संबंधित मांगों पर विचार के लिए तीन नवंबर को पुन: अधिकारियों के साथ बैठक के लिए उन्हें चंडीगढ़ आमंत्रित किया गया है।
उन्होंने बताया कि अगर सरकार ने अपने वादे के अनुसार रिफंड वापस देने, वैट 4.20 से घटाकर दो प्रतिशत करने और उद्योगपतियों को लाइसेंस देने की बात नहीं मानी तो 15 नवंबर को पुन: एसोसिएशन की बैठक आयोजित कर अगली रणनीति तैयार होगी। प्रदेश में कपास उद्योग से जुड़े व्यापारियों का 150 करोड़ से अधिक का रिफंड लटका हुआ है।
साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की थी कि कपास पर पहले उनसे 4.20 प्रतिशत वैट लिया जाता है बाद में उन्हें 2.20 प्रतिशत वैट वापस दिया जाता है क्योंकि प्रदेश में 85 प्रतिशत कपास अन्य प्रदेशों में रुई के रूप में जाती है। ऐसे में सरकार वैट दो प्रतिशत किया जाए।
उन्होंने दावा किया कि अगर सरकार वैट दो प्रतिशत करती है तो उसे पहले से अधिक वैट प्राप्त होगा। इस आश्वासन के बाद प्रदेश में कॉटन जिनर्स एसोसिएशन ने हड़ताल वापस ले ली है। इस बैठक में हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष हीरा लाल शर्मा, गंगा राम गुप्ता सहित कॉटन जिनर्स एसोसिएशन से जुड़े अनेक पदाधिकारी व व्यापारी नेता मौजूद थे।