कोरोना संक्रमण के आंकड़े बढ़ने के साथ ही मृतकों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने के लिए जिले में सरकारी और निजी अस्पतालों में केवल 21 वेंटिलेटर हैं। जिले के बड़े 10 निजी अस्पतालों में कोरोना के मरीजों का इलाज चल रहा है। जिस कारण अब निजी अस्पतालों में भी वेंटिलेटर खाली नहीं हैं। निजी अस्पतालों के डॉक्टर मरीज को दूसरी जगह पर ले जाने की बात कहते हैं।
रविवार को संवाददाता ने शहर के मुख्य तीन निजी अस्पतालों में पड़ताल की गई तो इनमें से किसी भी निजी अस्पताल में वेंटिलेटर खाली नहीं मिले। जबकि डॉक्टरों ने ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध होने की बात कही। स्वास्थ्य विभाग की ओर से वेंटिलेटर, आईसीयू प्लस ऑक्सीजन बेड और ऑक्सीजन बेड का खर्च भी तय किया गया है। ऐसे में कोई निजी अस्पताल तय खर्च से अधिक खर्च मरीज से वसूलता है तो मरीज नागरिक अस्पताल के कंट्रोल रूम 90530-13967 पर सूचना दे सकता है। इसके पश्चात विभाग की ओर से कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इन अस्पतालों की देखी हालत
संवाददाता ने रविवार को शहर के सुरखाब चौक स्थित पूनिया अस्पताल, तोमर अस्पताल और संजीवनी अस्पताल की हालत देखी। इस दौरान किसी भी अस्पताल में वेंटिलेटर खाली नहीं मिला। इस दौरान अस्पताल स्टाफ और डाक्टरों से किसी दूसरे अस्पताल में वेंटिलेटर होने के बारे में पूछा तो उन्होंने सिरसा के सभी अस्पतालों में वेंटिलेटर बुक होने का जवाब दिया। साथ ही कहा कि वे अस्पताल में आने वालों को मरीज को किसी दूसरे शहर में लेकर जाने की सलाह दे रहे हैं।
वेंटिलेटर बेड और ऑक्सीजन बेड का तय किया गया खर्च
निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर, आईसीयू प्लस ऑक्सीजन, ऑक्सीजन बेड का खर्च तय किया गया है। अकेले ऑक्सीजन बेड का एक दिन का खर्च आठ हजार, आईसीयू प्लस ऑक्सीजन का खर्च 13 हजार रुपये, वेंटिलेटर बेड का खर्च 15 हजार रुपये प्रतिदिन का तय किया गया है। मरीज की जरूरी जांचों का खर्च अलग रहेगा।
आयुष्मान कार्ड है तो सरकार देगी खर्च
विभाग की ओर से संजीवनी अस्पताल, आस्था अस्पताल, शाह सतनाम अस्पताल, सुरक्षा अस्पताल, नव ज्योति अस्पताल, जीवन ज्योति अस्पताल, पूनिया अस्पताल, मोहर सिंह अस्पताल, तोमर अस्पताल, वरदान अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। सरकार की ओर से जिले के 21 से अधिक अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज निशुल्क किया जा रहा है। वहीं, कोरोना संक्रमित जिन मरीजों का आयुष्मान कार्ड है उन मरीजों के इलाज का खर्च भी सरकार की ओर से अदा किया जाएगा।
अस्पतालों में ऑक्सीजन युक्त बेड, आईसीयू प्लस ऑक्सीजन बेड और वेंटिलेटर का प्रतिदिन का खर्च तय है। मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके चलते लोग नियमों की पालना करें। मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते रहें।
- डॉ. वीरेश भूषण, डिप्टी सिविल सर्जन, सिरसा