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कोरोना काल में नागरिक अस्पताल के करीब 300 मरीजों का टला ऑपरेशन

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कोरोना काल के दौरान नागरिक अस्पताल में केवल इमरजेंसी होने पर ही मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा है। कोरोना काल से पहले नागरिक अस्पताल में हर रोज आठ से दस मरीजों का ऑपरेशन होता था। अब ऑपरेशन वाले सभी मरीजों की ओपीडी के दौरान जांच की जाती है। स्थिति सामान्य होने पर मरीज को दवाई देकर भेज दिया जाता है जबकि महिलाओं के सीजेरियन ऑपरेशन से हर माह करीब 100 की डिलिवरी की जा रही है। नागरिक अस्पताल में हर माह आंख, कान, नांक, मुंह, पैर, घुटना, पेट और अन्य बीमारियों के करीब 300 मरीजों का ऑपरेशन किया जाता था लेकिन कोरोना संक्रमण का तेजी से फैलाव होने के कारण ऑपरेशन करवाने वाले उन सभी मरीजों के ऑपरेशनों को टाल दिया गया है। हर रोज सुबह 8 से 11 बजे तक नागरिक अस्पताल में सामान्य मरीजों की जांच की जाती है। मरीजों की जांच के बाद उसकी स्थिति सामान्य होती है तो उन्हें दवाई देकर तीन दिन पश्चात या एक सप्ताह बाद जांच के लिए बुलाया जाता है। नागरिक अस्पताल की ओर से इमरजेंसी वाले मरीजों का ही ऑपरेशन करने का निर्णय लिया था। वहीं प्राइवेट अस्पताल में भी ऑक्सीजन और बेड की किल्लत होने के कारण मरीजों के ऑपरेशनों को टाला जा रहा है।
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नागरिक अस्पताल में हर माह 100 महिलाओं के हो रहे सीजेरियन ऑपरेशन : नागरिक अस्पताल में केवल ऑपरेशन से महिलाओं की डिलिवरी ही की जा रही है। हर माह 100 से अधिक महिलाओं की ऑपरेशन से डिलिवरी हो रही है। नागरिक अस्पताल में एक माह में 450 महिलाओं की डिलीवरी हो रही है। जिनमें से 100 डिलीवरी ऑपरेशन से हो रही है।
कोरोना के मामले बढ़ने के कारण इमरजेंसी होने पर ही नागरिक अस्पताल में मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा है। मरीजों की ओपीडी के दौरान जांच की जाती है। जिससे मरीज की स्थिति के बारे में जानकारी मिलती रहती है। अगर कोई मरीज अधिक गंभीर होता है तो उसी का ऑपरेशन किया जाता है। -डॉ. बुधराम, उप सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, सिरसा।
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