सिरसा। कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया की भाजपा नेताओं से नजदीकियां चर्चा का विषय बनी हुई है। शुक्रवार को परिवहन मंत्री अनिल विज कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने के लिए सिरसा पहुंचे तो उन्होंने कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया को तवज्जो दी।
बैठक में ऐलनाबाद से कांग्रेस के विधायक भरत सिंह बैनीवाल व कालांवाली से विधायक शीशपाल केहरवाला भी मौजूद रहे। बैठक खत्म होने के बाद मंत्री अनिल विज विधायक गोकुल सेतिया को अपने साथ अपनी कार में बिठाकर ले गए। गोकुल सेतिया को अनिल विज की गाड़ी में देखकर हर तरफ चर्चा होने लगी कि वे भाजपा की शरण में जा सकते हैं।
21 नवंबर को भी जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सिरसा में मेडिकल कॉलेज की भूमि पर पूजन करने पहुंचे थे, तब भी मुख्यमंत्री ने गोकुल सेतिया अलग से बातचीत की थी। गोकुल सेतिया ने भी मंच से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की जमकर तारीफ कर उन्हें सबसे बेहतरीन मुख्यमंत्री बताया था। गोकुल सेतिया की स्पीच की पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर गणेशलाल ने भी प्रशंसा की थी।
भाजपा के सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया को न हुड्डा गुट तवज्जो दे रहा है, न ही सैलजा गुट। बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान गोकुल सेतिया ने किसानों के मुद्दे पर भाजपा सरकार को जमकर कोसा था। इसी कारण सिरसा विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र से गोकुल सेतिया को काफी वोट मिले और वे 7000 से अधिक वोटों से भाजपा समर्थित हलोपा उम्मीदवार गोपाल कांडा को हरा पाए।
सुरक्षा कर्मियों ने दिव्यांग बेरोजगार युवक को रोका
कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक दिव्यांग को बैठक में आने नहीं दिया गया। बैठक समाप्त हुई तो उक्त दिव्यांग अंदर पहुंचा, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उसे अनिल विज के पास जाने नहीं दिया। बेगू रोड से आए दिव्यांग नीरज ने बताया कि उसने कंप्यूटर कोर्स किया हुआ है, लेकिन उसे नौकरी नहीं मिल रही। इसलिए वह मंत्री अनिल विज से मिलने आया था ताकि उसे रोजगार मिल सके, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उसे मंत्री अनिल विज से मिलने नहीं दिया। वैसे भी प्रशासन ने दिव्यांग के लिए बैठक में बैठने की कोई व्यवस्था तक नहीं की हुई थी और न ही व्हीलचेयर की व्यवस्था थी।
गेट पर लगी रही शिकायत देने वालों की भीड़
बैठक के शुरू होने से पहले ही पंचायत भवन के गेट पर शिकायत लेकर पहुंचे लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान मौके पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने सिर्फ शिकायतकर्ताओं को ही अंदर जाने दिया। बैठक खत्म होने के बाद भारी संख्या में लोगों ने अपनी शिकायत मंत्री अनिल विज को दी।