सिरसा। सरसाई नाथ कमल भाजपा कार्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा। प्रवक
सिरसा । शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का कहना है कि नाम बदलने की राजनीति में कांग्रेस हमेशा सबसे आगे रही है लेकिन आज वही पार्टी नाम बदलने को लेकर आपत्ति जता रही है।
बुधवार को भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय रोजगार गारंटी योजना का नाम पहले जवाहर रोजगार योजना रखा गया, फिर नरेगा और बाद में मनरेगा कर दिया गया। क्या यह जवाहरलाल नेहरू का अपमान नहीं था।
शिक्षा मंत्री ने विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी जी राम जी योजना के विरोध पर कहा कि कांग्रेस जनता को भ्रमित करने का काम कर रही है। कांग्रेस ने देशभर में अपने नेताओं और महापुरुषों के नाम पर योजनाएं और पुरस्कार दिए हैं। राजीव गांधी खेल पुरस्कार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि राजीव गांधी का खेलों से क्या योगदान था, क्या वे देश के लिए कोई पदक जीतकर लाए थे। कांग्रेस को हर जगह नाम चिपकाने की आदत है, न वह अपने नेताओं के नाम पचा पाती है और न ही महापुरुषों के।
विकास कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा
ढांडा ने कहा कि यह योजना महात्मा गांधी के स्वराज की परिकल्पना को साकार करने का कार्य करेगी। योजना में नाम या ढांचे में बदलाव से विकास कार्यों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा बल्कि विकास कार्य और तेज होंगे। इसके तहत श्रमिकों को पहले से अधिक रोजगार मिलेगा और मजदूरी की राशि एक सप्ताह के भीतर सीधे उनके खातों में पहुंचेगी। कांग्रेस सरकार के दौरान लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का रोजगार दिया गया जबकि भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में इससे कहीं अधिक, लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का रोजगार उपलब्ध करवाया है। एचटेट (हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा) पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के बयान पर उन्होंने कहा कि ऐसी बातों की आज कोई प्रासंगिकता नहीं है।