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Sirsa News: बूंदाबांदी से बढ़ी ठंडक, सर्द हवा से छूटी कंपकंपी

Mon, 23 Dec 2024 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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चोपटा क्षेत्र में बारिश के बाद लहलहाई सरसों की फसल। संवादचोपटा क्षेत्र में बारिश के बाद लहलहाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। जिले में सोमवार अलसुबह 3 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक फुहारें के साथ हल्की बारिश होती रही। जिले में करीब 7 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इसके चलते ठंडक बनी रही है। हालांकि बादलवाही के कारण जिले में न्यूनतम तापमान में 8.8 डिग्री बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को फायदा होगा। किसान बारिश को फसलों के लिए सोना बता रहा हैं।

सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री व न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। जिले में सोमवार अल सुबह ही हल्की बारिश शुरू हो गई, जोकि दोपहर तक चल रही। इस दौरान 16 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवा से ठिठुरन बढ़ गई। दिनभर बारिश रहने के कारण शहर में यातायात व्यवस्था से लेकर कामकाज तक प्रभावित हुआ। पूरे दिन बाजार में ग्राहकों की कमी रही। सुबह-सवेरे हुई बारिश की वजह से स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें भीगते हुए स्कूल जाने को मजबूर होना पड़ा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन इसी प्रकार बारिश होने का अनुमान है।
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नेशनल हाईवे पर वाहनों की रही धीमी गति



बारिश के बीच नेशनल हाईवे से गुजर रहे वाहनों की गति धीमी हो गई। रोडवेज बसों के चालकों को भी बारिश से परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से देरी से गंतव्य तक पहुंची। इनमें गोरखधाम सुपरफास्ट 58 मिनट, जयपुर-बठिंडा एक्सप्रेस 58 मिनट, मेरठ-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस 35 मिनट, रेवाड़ी-बठिंडा 23 मिनट, रेवाड़ी-फाजिल्का पैसेंजर ट्रेन 15 मिनट देरी से सिरसा रेलवे स्टेशन पर पहुंची। सबसे अधिक दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों ने झेली। अधिकांश बाइक सवारों ने बारिश में भीगते हुए ही सफर तय किया। वहीं, सुबह के समय स्कूलों में जाने वाले विद्यार्थियों को भी बारिश के बीच ही स्कूल जाना पड़ा। इससे अभिभावकों की मशक्कत बढ़ गई।



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किसान बोले-आसमान से अमृत टपका







जिलेभर में इस बार करीब 2 लाख 72 हजार हेक्टेयर में गेहूं व 75 हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई हुई है। खेतों में रुक-रुक कर हुई बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को फायदा होगा। किसान नरेश कुमार,साहब राम व हनुमान का कहना है कि बूंदाबांदी के रूप में आसमान से फसलों के लिए अमृत टपका है। किसानों का कहना है कि सर्दी का मौसम के शुरू होने के बाद से ही बरसात न होने से चिंता हो रही थी और सोमवार सुबह बारिश से जहां एक ओर फसलों को भारी फायदा होगा, वहीं गेहूं की फसल में एक पानी कम देने से किसानों को आर्थिक लाभ होगा।





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बढ़ी गर्म कपड़ों की ब्रिकी







ठंड के सीजन में गर्म कपड़ों की बिक्री दो दिनों में बढ़ गई है। रेडिमेड गारमेंट के शोरूम पर इन दो दिनों में टोपी, मफलर, जुराब, दस्ताने और जैकेट की बिक्री बढ़ी है। इसके साथ ही हीटर, गीजर की भी मांग बढ़ गई है। रजाई-गद्दे की पिजाई करने वाले भी इन दिनों व्यस्त हो गए हैं।



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फसलों में नाइट्रोजन की पूर्ति करेगी बारिश



कृषि विभाग के डीडीए सुखदेव कंबोज ने बताया कि यह बारिश फसलों के बेहद अनुकूल है। इससे फसलों को फुटाव ठीक से होगा। किसान फसलों में खाद और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर सकेंगे। मौसम में आए बदलाव से ठंड बढ़ेगी, जो फसलों की वृद्धि में सहायक होगी। बारिश के पानी के साथ प्रकृति में मौजूद लगभग पांच प्रतिशत नाइट्रोजन का स्थरीकरण भौतिक प्रक्रिया द्वारा होता है, जिससे प्राकृतिक रूप से सभी फसलों को पानी के साथ नाइट्रोजन उपलब्ध हो जाती है। इसलिए, बारिश का पानी सिंचाई जल से कहीं अधिक फायदेमंद माना जाता है।
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जिले में वीरवार तक मौसम खुश्क रहेगा। उत्तरी व उत्तर पश्चिमी ठंडी हवाएं चलने से रात्रि तापमान में गिरावट आने की संभावना है। 26 दिसंबर रात्रि से एक और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से फिर से मौसम में बदलाव होगा। इससे कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। - डॉ. मदन लाल खिचड़, विभागाध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू हिसार।
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